नई दिल्ली , 21 जुलाई , नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के चल रहे आंदोलन के समानांतर कांग्रेस ने भी इसी मांग को लेकर आज 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना ( Rahul Gandhi Dharna:) दिया . इस धरने में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड की सांसद प्रियंका वाड्रा समेत सभी कांग्रेस के बड़े नेता उपस्थित रहे . इन्हें समर्थन देने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहुंचे .
CJP Protest : धरना दे रहे राहुल गांधी ( Rahul Gandhi Dharna) से वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह को भेजा गया. उन्होंने राहुल गांधी से वार्ता भी की आपसी बातचीत में तय हुआ कि संसद में कांग्रेस द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. राहुल गांधी के प्रस्ताव को हां करने के बाद डॉक्टर जितेंद्र ने मीडिया को बताया कि चर्चा की सहमति बन जाने के बाद अचानक राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग उठा दी , जबकि डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने इस नयी मांग से इत्तेफाक नहीं रखा और कहा जो पहले बातें हुई थी कि सभी मुद्दों पर चर्चा करने की तो नेता प्रतिपक्ष को वहीं तक केंद्रित करना चाहिए और केंद्र सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी अड़े रहे और नतीजा यह हुआ कि दिल्ली पुलिस ने एक-एक कर सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया और प्रधानमंत्री के आवास पर धरने पर बैठे सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को वहां से जबरिया हटा दिया .
राहुल गांधी ( Rahul Gandhi Dharna) अखिलेश यादव समेत सभी बड़े नेताओं को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया है , अब इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता एवं सांसद राज्यसभा संजय सिंह ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक संदेश में उन्होंने कहा है कि कांग्रेस का यह धरना कॉकरोच जनता पार्टी ( CJP Protest) के प्रदर्शन को कम करने के लिए किया गया है , उन्होंने कई अन्य आरोप भी लगाए .
Rahul Gandhi Dharna :संजय सिंह के इस सोशल मीडिया पोस्ट के होते ही राजनीतिक खेमे में हंगामा शुरू हो गया और कांग्रेस ने बिना देरी किए आम आदमी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी की भी टीम बता दिया . मामला यहीं तक नहीं रुका. कांग्रेस नेता और प्रवक्ताओं ने कहा कि ईडी और सीबीआई की जांच धीमी की जा रही है और इसीलिए आम आदमी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है . यह आम आदमी पार्टी वहीं चुनाव लड़ती है जहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में होती है . इन दोनों दलों के आरोप – प्रत्यारोपों के बीच अब सवाल यह है कि अगर काकरोच जनता पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग पर अडी हुई है तो राहुल गांधी ने उसे समर्थन देने के बजाय एक अलग मोर्चा क्यों खोला?
CJP Protest news : यह भी तब जब कॉकरोच जनता पार्टी ( CJP Protest) को समर्थन देने के लिए अखिलेश यादव, ममता बनर्जी , सुप्रिया सुले सहित तमाम विपक्षी नेता जंतर मंतर धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं या पहुंचे वाले हैं , ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की लड़ाई नरेंद्र मोदी सरकार से बहुत आगे जा चुकी है और इन दोनों का केंद्र बिंदु दिल्ली की राजनीति है . कांग्रेस को यह डर हमेशा लगा रहता है कि सत्ता से बेदखल करने की वजह आम आदमी पार्टी रही है और आम आदमी पार्टी की सक्रियता के कारण ही दिल्ली में कांग्रेस इतना कमजोर हो गई की सत्ता से ही दशकों से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी को यह लग रहा है कि अगर दिल्ली में राजनीति करनी है तो कांग्रेस को नीचे रखकर खुद को आगे आना पड़ेगा .
अब लड़ाई धर्मेंद्र प्रधान से हटकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच हो रही है, भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक फायदे का सौदा यह है कि अब वह विपक्ष में फूट डालकर आसानी से इस धरना प्रदर्शन को खत्म कर लेगी , कांग्रेस के धरना प्रदर्शन पर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में संसद में न केवल विपक्ष बिखरा हुआ दिखाई देगा बल्कि सड़क पर भी अलग-अलग राजनीति दिखाई देगी, क्योंकि राहुल गांधी के धरने पर आज शामिल हुए अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव जंतर मंतर पर जाकर कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन दे चुकी हैं . ऐसे में समाजवादी पार्टी को सिर्फ एक ही राह चलना पड़ेगा, कांग्रेस या काकरोच जनता पार्टी. ( CJP Protest) ऐसे में अखिलेश यादव कांग्रेस को प्राथमिकता देंगे क्योंकि उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन प्रस्तावित है., ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जंतर मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी के पदाधिकारी को आम आदमी पार्टी अपनी छत्रछाया में आंदोलन को आगे बढ़ने का संदेश देती है या फिर इस काकरोच जनता पार्टी ( CJP Protest) के आंदोलन का ह्श्र भी किसी अन्य आंदोलन की तरह होगा ?
