- विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि के साथ उच्च शिक्षा में महिला एवं वंचित वर्गों की भागीदारी भी बढ़ी
भोपाल. मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों की भागीदारी में पिछले पांच वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण AISHE 2023–24 की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019–20 से 2023–24 के बीच प्रदेश में विश्वविद्यालयों की संख्या 66 से बढ़कर 89 तथा महाविद्यालयों की संख्या 3,148 से बढ़कर 3,418 हो गई। इनमें तकनीकी, चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, होटल प्रबंधन, पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों के शासकीय एवं निजी महाविद्यालय शामिल हैं। इसी अवधि में स्टैंड-अलोन संस्थानों की संख्या भी 379 से बढ़कर 440 हुई है।
संस्थागत विस्तार के साथ उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। प्रदेश में कुल विद्यार्थी नामांकन वर्ष 2019–20 के 21.82 लाख से बढ़कर वर्ष 2023–24 में 27,74,428 हो गया। इस प्रकार पांच वर्षों में कुल नामांकन में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। महिला विद्यार्थियों का नामांकन भी 10,37,578 से बढ़कर 13,29,902 हो गया, जो लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि है।
उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 23 से बढ़कर 29 प्रतिशत
प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार का प्रभाव सकल नामांकन अनुपात (GER) पर भी दिखाई देता है। वर्ष 2019–20 में मध्यप्रदेश का GER 23.0 था, जो वर्ष 2023–24 में बढ़कर 29.0 हो गया। यानी पांच वर्षों में GER में 6 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज हुई। यह 18–23 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की उच्च शिक्षा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। AISHE उच्च शिक्षा की स्थिति का आकलन करने के लिए GER, GPI, विद्यार्थी-प्राध्यापक अनुपात सहित विभिन्न संकेतकों का उपयोग करता है।
एससी, एसटी और ओबीसी छात्राओं की भागीदारी में वृद्धि
उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ सामाजिक समावेशन की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव दर्ज हुआ है। वर्ष 2023–24 में प्रदेश में एससी वर्ग की 1,98,571, एसटी वर्ग की 1,70,129 तथा ओबीसी वर्ग की 5,53,923 महिला विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया गया।
वर्ष 2019–20 की तुलना में ओबीसी महिला नामांकन 4,25,197 से बढ़कर 5,53,923, एससी महिला नामांकन 1,54,691 से बढ़कर 1,98,571 तथा एसटी महिला नामांकन 1,07,489 से बढ़कर 1,70,129 हुआ। इससे उच्च शिक्षा में विभिन्न सामाजिक वर्गों की छात्राओं की बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत मिलता है।
जेंडर पैरिटी इंडेक्स 1.00
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023–24 में मध्यप्रदेश का जेंडर पैरिटी इंडेक्स (GPI) 1.00 रहा। इसी वर्ष एससी विद्यार्थियों के लिए GPI 1.05 और एसटी विद्यार्थियों के लिए 1.08 दर्ज किया गया। यह उच्च शिक्षा में महिला भागीदारी के संदर्भ में लैंगिक संतुलन की स्थिति को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण संकेतक है।
भोपाल देश के शीर्ष 10 जिलों में
उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार के मामले में भोपाल की भी महत्वपूर्ण स्थिति दर्ज हुई है। वर्ष 2023–24 में भोपाल में 327 महाविद्यालय दर्ज किए गए और महाविद्यालयों की संख्या के आधार पर यह देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहा।
प्रदेश में प्रति महाविद्यालय औसत विद्यार्थी संख्या भी राष्ट्रीय औसत से अधिक रही। वर्ष 2023–24 में मध्यप्रदेश में प्रति महाविद्यालय औसत नामांकन 709 विद्यार्थी रहा, जबकि अखिल भारतीय औसत 670 विद्यार्थी दर्ज किया गया।
स्नातकोत्तर शिक्षा की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि
उच्च शिक्षा में केवल संस्थानों और विद्यार्थियों की संख्या ही नहीं, बल्कि उच्चतर स्तर के पाठ्यक्रमों में भागीदारी भी बढ़ी है। वर्ष 2023–24 में प्रदेश के कुल उच्च शिक्षा नामांकन में स्नातक स्तर की हिस्सेदारी 70.84 प्रतिशत, स्नातकोत्तर की 18.03 प्रतिशत, डिप्लोमा की 7.38 प्रतिशत, इंटीग्रेटेड कार्यक्रमों की 1.65 प्रतिशत, पीजी डिप्लोमा की 1.53 प्रतिशत, पीएचडी की 0.41 प्रतिशत तथा सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की 0.16 प्रतिशत रही।
विशेष रूप से स्नातकोत्तर नामांकन की हिस्सेदारी वर्ष 2019–20 के 13.07 प्रतिशत से बढ़कर 18.03 प्रतिशत हो गई, जो उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के उन्नत एवं उच्चतर अध्ययन की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
प्राध्यापक की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि
विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि के साथ प्राध्यापक की संख्या में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2019–20 में प्रदेश में शिक्षकों की संख्या 64,106 थी, जो वर्ष 2023–24 में बढ़कर 89,840 हो गई। इस प्रकार शिक्षकों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसी अवधि में विद्यार्थी-प्राध्यापक अनुपात 34.04 से घटकर 30.88 हुआ। महिला प्राध्यापक की संख्या भी 26,632 से बढ़कर 38,861 हो गई। शिक्षकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 2019–20 के 42 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत दर्ज हुई।
उच्च शिक्षा संस्थानों में डेटा प्रबंधन में भी सुधार
AISHE में संस्थानों द्वारा डेटा अपलोडिंग की स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ। विश्वविद्यालयों का डेटा अपलोडिंग प्रतिशत वर्ष 2019–20 के 89 प्रतिशत से बढ़कर 2023–24 में 100 प्रतिशत हो गया। वहीं महाविद्यालयों में यह 65 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत हुआ। इससे उच्च शिक्षा क्षेत्र में डेटा संकलन और संस्थागत सूचना प्रणाली के अधिक व्यापक होने का संकेत मिलता है।
पांच वर्षों में उच्च शिक्षा की तस्वीर में बड़ा बदलाव
AISHE 2023–24 के आंकड़े मध्यप्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में पांच वर्षों के दौरान हुए विस्तार को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हैं। विश्वविद्यालय 66 से 89, महाविद्यालय 3,148 से 3,418, कुल विद्यार्थी नामांकन 21.82 लाख से 27.74 लाख, महिला नामांकन 10.38 लाख से 13.30 लाख और GER 23.0 से 29.0 हुआ।
इसी अवधि में प्राध्यापकों की संख्या 64,106 से 89,840, विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात 34.04 से 30.88, महिला शिक्षकों की हिस्सेदारी 42 से 43 प्रतिशत, विश्वविद्यालयों की डेटा अपलोडिंग 89 से 100 प्रतिशत तथा महाविद्यालयों की डेटा अपलोडिंग 65 से 95 प्रतिशत हुई।
इस प्रकार AISHE 2023–24 के आंकड़े प्रदेश में उच्च शिक्षा के संस्थागत विस्तार, बढ़ते नामांकन, महिला एवं सामाजिक वर्गों की बढ़ती भागीदारी, प्राध्यापक संख्या में वृद्धि तथा उच्च शिक्षा की डेटा-आधारित निगरानी में सुधार की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। AISHE 2023–24 की अंतिम रिपोर्ट आधिकारिक पोर्टल पर जुलाई 2026 में जारी हो चुकी है।
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