दुर्ग. शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक 2, संकुल केन्द्र ढौर, विकासखंड दुर्ग में 19 सितंबर 2026 (शनिवार)। शासन के निर्देशानुसार बैगलेस डे बड़े ही उत्साह, उमंग और रचनात्मकता के साथ मनाया गया। बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों में पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कौशल का विकास करना है। इसी क्रम में आज शाला में एक साथ तीन विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

- मुखौटा प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता –
बच्चों ने अपने हाथों से बनाए रंग-बिरंगे, आकर्षक मुखौटे पहनकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से भगवान गणेश के रूप में सजे बच्चे आकर्षण का केन्द्र रहे। इस गतिविधि से बच्चों में कला और अभिनय के प्रति रुचि बढ़ी। - गणपति महोत्सव और आरती –
शाला परिसर में गणपति महोत्सव मनाया गया। शिक्षकों और बच्चों ने संयुक्त रूप से भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना व आरती की। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। शिक्षिका श्रीमती सुनीता साहू एवं सुश्री धनेश्वरी बंजारे ने बच्चों को गणपति महोत्सव मनाने की पौराणिक कथा और उसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया। - सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रतियोगिताएं –
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने स्वच्छता के महत्व पर अपने विचार लिखे और चित्रों के माध्यम से संदेश दिया।
- चित्रकला प्रतियोगिता में – प्रथम स्थान : कु. मोनालिसा देशलहरे
- निबंध प्रतियोगिता में – प्रथम स्थान : कु. चारुल महिलांग
- मुखौटे प्रतियोगिता में – प्रथम स्थान : कु. गीतांक्षी मनहर
सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रधान पाठक द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर शाला के प्रधान पाठक अनिल थारवानी ने कहा कि बैगलेस डे जैसी गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चों में किताबों के बोझ से मुक्त होकर सीखने की ललक पैदा होती है। कार्यक्रम में प्रधान पाठक श्री अनिल थारवानी सहित शिक्षिका श्रीमती सुनीता साहू, सुश्री धनेश्वरी बंजारे, समस्त शिक्षकीय स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं शाला प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

