लखनऊ , 30 अप्रेल, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारी परिषद की निर्वाचित इकाई को भंग कर पुन चुनाव कराने संबंधी आदेश के मददेनजर विभिन्न छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठा दी है. छात्रसंघ चुनाव लंबे अरसे से नहीं हुए हैं और छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय में समय समय पर आंदोलन धरना प्रदर्शन भी हुए हैं .
लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए कर्मचारी परिषद का चुनाव कराने की घोषणा की है. कुलसचिव की ओर से जारी आदेश में चुनाव अधिकारी की नियुक्ति भी की गयी. इसीलिए छात्र नेताओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कहा है कि छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर छात्र संघ का गठन किया जाना बहुत जरूरी है . लखनऊ विश्वविद्यालय में विभिन्न समस्याओं को लेकर फीस वृद्धि,प्रवेश प्रक्रिया और छात्रावासों में अव्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर वर्तमान समय भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं. बुधवार को भी छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की .
नए शैक्षिक क्षेत्र शुरू होने के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है .ऐसे में विभिन्न छात्र संगठन भी अपने-अपने स्तर से छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए परिसर में सक्रिय हो गए हैं. इनमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, समाजवादी छात्र सभा.एन एसयूआई और बामपंथ से जुड़े प्रमुख संगठन भी शामिल है. इन संगठनों के अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय छात्र नेता भी राजनीति कर रहे हैं.
ऐसे में छात्र नेताओं की मांग है कि लखनऊ विश्वविद्यालय को तत्काल छात्र संघ चुनाव की घोषणा करते हुए चुनाव अधिकारी की घोषणा कर देनी चाहिए . हालांकि विश्वविद्यालय का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन कर्मचारी परिषद के चुनाव की चिंता करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्र नेताओं ने छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठाकर मुश्किल जरूर पैदा कर दी है .
अब लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के पास इससे बचने का कोई ठोस विकल्प नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि प्रशासन जिन तर्कों के आधार पर कर्मचारी परिषद का चुनाव कराने की बात कह रहा है , उसी आधार पर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र संघ चुनाव के लिए भी आगे बढ़कर आदेश जारी करना चाहिए.आने वाले दिनों में यह देखना है महत्वपूर्ण होगा कि लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संघ चुनाव कराने के बाबत किस प्रकार का निर्णय लेता है या फिर लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के बारे में दिए गए अपने निर्देश को ही वापस लेता है या खामोशी अखित्यार कर लेता है .
