कानपुर नगर, 12 मई , उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् द्वारा संचालित “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजना के अंतर्गत सोमवार को हाइब्रिड मॉडल पर आधारित शिक्षण सत्रों का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि जहाँ राज्य स्तर पर नीतिगत उद्घाटन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ, वहीं कानपुर के प्राथमिक विद्यालय पारा में प्रशिक्षकों द्वारा ऑफलाइन शिविर के माध्यम से प्रत्यक्ष शिक्षण का विधिवत आरंभ किया गया।
विद्यालय स्तर पर आयोजित ऑफलाइन कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्या श्रीमती कुसुम श्रीवास्तव, प्रशिक्षिका प्रांजल एवं मंजरी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस शिविर में प्रशिक्षिका प्रांजल द्वारा बच्चों को अत्यंत सरल एवं मनोरंजक पद्धति से खेल, बालगीत और संवाद के माध्यम से व्यावहारिक संस्कृत का अभ्यास कराया जा रहा है। विद्यालय परिसर में बच्चे सीधे अपनी प्रशिक्षिका के सानिध्य में देववाणी को आत्मसात कर रहे हैं।
यह स्थानीय प्रयास उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष चौहान, निदेशक प्रेमेन्द्र कुमार गुप्त एवं प्रशासनिक अधिकारी जगदानन्द झा के कुशल निर्देशन में आयोजित ऑनलाइन सत्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय ऑनलाइन सत्र में वक्ता धीरज मैठाणी ने भी आधुनिक संसाधनों द्वारा संस्कृत को व्यवहार में लाने पर बल दिया। योजना प्रभारी भगवान सिंह चौहान के निर्देशानुसार, जहाँ प्रशासनिक औपचारिकताएं और विशेषज्ञों के सुझाव डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं, वहीं विद्यालय पारा में छात्र-छात्राएं भौतिक रूप से उपस्थित रहकर इस ज्ञान को ग्रहण कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में समन्वयक अनिल गौतम के धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात प्रशिक्षिका प्रांजल द्वारा प्रस्तुत कल्याण मंत्र के साथ सत्र का विधिवत समापन हुआ।
