- श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग में संपन्न हुआ मेंटर मेंटी प्रोग्राम
गोंडा , 12 मई , छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है मेंटर- मेंटी प्रोग्राम। यह एक संरचनात्मक शिक्षण या मार्गदर्शन कार्यक्रम है, जो अनुभवी पेशेवरों (मेंटर) द्वारा नए या कम अनुभवी व्यक्तियों (मेंटी) को मार्गदर्शन प्रदान करता है, ताकि उनके कौशल, ज्ञान और करियर के लक्ष्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
उक्त बातें श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के आईक्यूएसी प्रभारी एवं प्राचार्य प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने कही l जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं मेंटर-मेंटी प्रोग्राम प्रभारी प्रो. अरविन्द कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जंतु विज्ञान के विद्यार्थियों हेतु मेंटर -मेंटी प्रोग्राम आयोजित किया गया l प्रोफेसर शर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया इस प्रोग्राम का आयोजन महाविद्यालय के सभी छात्र छात्राओं के लिए किया जाएगा जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों का आत्मविश्वास बढाते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सके।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मार्गदर्शक शिक्षक एवं छात्रों के बीच विश्वास और साझा सीखने का अवसर प्रदान करना है उन्हें शैक्षणिक, व्यक्तिगत , व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है l प्रोफेसर शर्मा ने यह भी बताया मार्गदर्शक शिक्षक छात्रों के अध्ययन, पाठ्यक्रम चयन एवं शैक्षणिक लक्ष्य को प्राप्त करने में मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है l इस प्रोग्राम का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के तनाव को कम करना , छात्रों को भावनात्मक समर्थन प्रदान करना है, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास एवं संचार कौशल को बढ़ाया जा सके। उन्हें एक ऐसा वातावरण मुहैया कराया जा सके जिससे वे खुलकर अपनी समस्याओं और जिज्ञासा को अपने मार्गदर्शक शिक्षक के साथ साझा करते हुए अपनी समस्याओं को समाधान में बदल सके l

प्रोफेसर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मेजर विषय जंतु विज्ञान -वनस्पति विज्ञान , जंतु विज्ञान -रसायन विज्ञान एवं माइनर विषय के रूप में जंतु विज्ञान का अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को इस विषय से संबंधित मार्गदर्शक शिक्षक मुहैया कराया जाएगा जिससे उनका सर्वांगीण विकास किया जा सके l इस अवसर पर आनंद चतुर्वेदी एवं विन्ध्य साहू इस ने भी उक्त विषय पर अपने विचार व्यक्त किए l इस अवसर पर छात्रों ने शिक्षकों से अपनी कई समस्याओं को साझा किया जिसका निराकरण जंतु विज्ञान विभाग के प्राध्यापकों द्वारा किया गया l
