- जनगणना प्रक्रिया में कर्मचारियों, खासकर शिक्षकों से उनके निजी स्मार्टफोन के उपयोग पर पांडेय गुट ने किया कड़ा विरोध : डॉ.जितेन्द्र सिंह पटेल
लखनऊ , 30 अप्रेल , उ.प्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.जितेन्द्र सिंह पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी एवं महामंत्री आशीष सिंह ने बताया कि जनगणना कार्य में HLO ऐप के जरिए “BYOD (Bring Your Own Device)” मॉडल लागू किया गया है, जिसका मतलब साफ है—अपना फोन लाओ और उसी से सरकारी काम करो। लेकिन इसके लिए न तो कोई स्मार्टफोन दिया जा रहा है और न ही कोई तकनीकी सहायता। नेताओं के अनुसार डिजिटल जनगणना का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह कर्मचारियों के निजी संसाधनों पर टिका हुआ है। पहले भी SIR जैसे कार्य BLO से उनके खुद के फोन पर कराए गए, और अब स्कूल से जुड़े अधिकांश कार्य भी निजी डिवाइस से ही करवाए जा रहे हैं।
नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी बात यह है कि यह अपेक्षा मुख्य रूप से शिक्षकों से ही की जाती है, जबकि अन्य को विभागीय स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाते हैं। यहां स्पष्ट असमानता दिखती है: वेतन सभी को मिलता है, लेकिन संसाधन सिर्फ कुछ को। शिक्षकों को अपने वेतन से ही डिवाइस खरीदकर सरकारी काम करना पड़ रहा है। स्थिति और मुश्किल तब हो जाती है जब HLO ऐप की तकनीकी शर्तें सामने आती हैं—जैसे Android 12 या उससे ऊपर और कम से कम 4GB RAM.. आईफोन यूजर्स के लिए भी कम से कम ios 15.0 होना चाहिए. जिनके पास ऐसा फोन नहीं है, वे परेशान हैं.प्रशिक्षण के समय बहुत अध्यापक इसी परेशानी में दिखे .
पाण्डेय गुट के नेताओं का कहना है कि कई ऐसे अनेक शिक्षक हैं जो आज भी Keypad वाला साधारण मोबाइल रखते हैं। कई ऐसे हैं जो स्मार्ट फोन ले तो लिये हैं, लेकिन अपनी जरूरत के हिसाब से 4GB से कम RAM वाला मोबाइल उपयोग करते हैं। यह भी समझिए कि ऐसा करना कहीं से भी पिछड़ापन नहीं है। हर व्यक्ति की अपनी निजी जीवन शैली होती है, साथ ही सबकी व्यक्तिगत और पारिवारिक प्राथमिकता भी अलग–अलग होती है। हर एक व्यक्ति अपनी क्षमता और जरूरत के अनुसार ही कोई साधन चुनता है।
