जांजगीर-चांपा। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय आह्वान पर कर्मचारियों और श्रमिकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर जांजगीर-चांपा में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बरसते पानी के बीच कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर ‘बीएमएस जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इसके बाद तहसीलदार शशिकांत सोनी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, श्रम मंत्री एवं वित्त मंत्री को संबोधित मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संघ, प्रधानपाठक मंच, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, समग्र शिक्षा फेडरेशन सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रभारी एवं असंगठित क्षेत्र भारतीय मजदूर संघ के सह प्रभारी गिरिजा शंकर आचार्य विशेष रूप से वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कर्मचारियों और श्रमिकों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए ‘समान काम, समान वेतन’ लागू करने तथा आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित सभी योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि करने की मांग को प्रमुखता से रखा। उन्होंने शासन से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की।
बीएमएस ने केंद्र सरकार के समक्ष कर्मचारियों एवं श्रमिकों से जुड़ी 12 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 करने तथा इसे महंगाई राहत और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, कर्मचारी राज्य बीमा की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार करने तथा कर्मचारी भविष्य निधि की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग प्रमुख है।
संगठन ने नए श्रम कानून के अनुसार सरकार द्वारा पूरे वेतन पर बोनस घोषित करने तथा बोनस की गणना की सीमा 7,000 से बढ़ाने की मांग की है। वहीं ड्यूटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने और बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन का पुनर्निर्धारण करने की मांग भी उठाई गई।
बीएमएस ने आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न योजना कर्मियों का मानदेय बढ़ाने, सभी प्रकार के संविदा कर्मचारियों को समान काम, समान वेतन देने तथा वेतन में अनियमितता के लिए ठेकेदारों और मानव संसाधन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों को भरने, भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता रैली में शामिल रहे और बीएमएस के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। रैली के बाद प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मांग पत्र सौंपा।

इस अवसर पर कर्मचारी नेता पुष्पराज सिंह चंदेल, जयंत सिंहक्षत्रीय प्रधानपाठक मंच प्रदेशाध्यक्ष अनुभव तिवारी राज्य कर्मचारी संघ के संभाग सचिव प्रमोद कुर्रे भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष जिला मंत्री संजय चौहान, संगीता रात्रे, प्रदेश महामंत्री आशा कार्यकर्ता, रंजना टंडन, सुमन बर्मन, संगीता निषाद, संतोषी साहू, कालिंद्री साहू, दोलेश्वर लहरे, इंद्रकुमार नरेन्द्र सिंह चंदेल( हलधर ) तृतीय वर्गकर्मचारी संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों की मांगों का समयबद्ध निराकरण किया जाना चाहिए। मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बीएमएस द्वारा आंदोलन को प्रदेश से लेकर दिल्ली तक आगे बढ़ाने की बात कही गई।
इस मौके पर पुष्पराज सिंह चंदेल नरेंद्र सिंह चंदेल (हलधर), अनुभव तिवारी रामशरण सिंगसर्वा ओमप्रकाश राठौर नरेंद्र सिंह अश्विनी पटेल कृष्णकुमार यादव लक्ष्मण रात्रे रमाकांत परोहा उपेंद्र धीवर शम्मीसागर माहेश्वरी अमित धीवर अरविंद भारद्वाज दिलीप तिवारी विष्णु पटेल विवेक सिंह चंदेल पवन साहू डी आर भारते गीता कौशिक वीरेंद्र शांडिल्य विश्वनाथ अघरिया संतोष साहू सुखदेव टंडन सुरेंद्र नोर्गे दिलीप साहू रूपेश शुक्ला गीता कौशिक के एल श्रीवास्तव इदरीश मोहम्मद दिनेश साहू प्रमोद निर्मलकर पुरुषोत्तम साहू सतीशचंद्र भैना अविनाश खंडेल जागेश्वर प्रधान बी एल सिदार अभिमन्यू जगन्नाथ रामशंकर जगत प्रवीण तिवारी संजय कोरी आसाराम विद्याभूषण सहित कर्मचारी नेता उपस्थित रहे
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