लखनऊ, 15 मार्च , सनातन समाज एवं जल व पर्यावरण संरक्षण परिक्षेत्र में कार्य करने वाले पर्यावरणविदों,समाजसेवियों की महत्वपूर्ण बैठक आज विशिष्ट अतिथि गृह में सम्पन्न हुआ। आयोजित बैठक में प्रस्तावित गोमती दर्शन यात्रा ( Gomti Darshan Yatra) आयोजन के संबंध में चर्चा परिचर्चा का आयोजन कर प्रथम चरण यात्रा (माँ गोमती )उद्गम माधव टांडा से लखनऊ गोमती तट कुड़िया घाट को अंतिम स्वरूप दिया गया इस हेतु जन जागरण के लिए विशेष कार्ययोजना भी बनाई गई।
Gomti Darshan Yatra : प्रस्तावित गोमती दर्शन यात्रा विषयक पर परिचर्चा करते हुए संयोजक (सह संयोजक गंगा समग्र अवध प्रान्त)अनुराग पांडेय ने बताया कि 28 मार्च शनिवार को गोमती दर्शन यात्रा का प्रथम चरण माँ गोमती उद्भव माधव टांडा से प्रदेश के ख्यातिलब्ध पर्यावरणविद राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक, धार्मिक संत महात्माओं की उपस्थिति में सुरु होगा।समापन 4 अप्रैल 2026 को (कुड़िया घाट) गोमती नदी तट लखनऊ में सम्पन्न होगा।

एकल संगठन प्रकल्प (अवध क्षेत्र सचिव) संजीव कुमार ने बताया कि प्रस्तावित गोमती दर्शन यात्रा को अंतिम स्वरूप देने के लिए सामूहिक क़वायद सुरु किया गया है यात्रा के दौरान जल व पर्यावरण संरक्षण विषयक को लेकर चिन्हित स्थलों पर चौपाल का आयोजन कर लोगों के साथ गोमती नदी का महिमामंडन किया जाएगा।रूल ऑफ लॉ सोसाइटी अध्यक्ष सोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट ने बताया कि प्रस्तावित यात्रा को प्रभावी बनाने के लिए चिन्हित यात्रा स्थल में क्षेत्रीय सामाजिक व धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों की टीम गठित कर जन जागरण अभियान सुरु किया गया है और लोगो को पर्यावरण व जल संरक्षण की महत्ता से अवगत कराया जा रहा है।
महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध)संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि समूचे प्रदेश के नदी, झील, पोखरा व तालाबो को सदा नीरा व सदा सरीला-अविरल बनाये रखने के लिए समान विचारधारा वाले सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों से समन्वय बनाकर नदियों को स्वच्छ व पवित्र बनाये रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है तथा जल व पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण भी किया जा रहा है।
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित वन एवं पर्यावरण मंत्री उत्तर प्रदेश डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने प्रस्तावित गोमती दर्शन यात्रा को पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया तथा यात्रा को सफल एवं दूरगामी बनाने के लिए हर संभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया।कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी अंकुर सक्सेना ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष (गोमती दर्शन) श्वेता सिंह व अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद जी महाराज ने किया।समापन अवसर पर गोमती नदी को पौराणिक एवं पवित्र बताते हुए उपस्थित लोगों ने गोमती नदी को रुहेलखंड व तराई का जीवन रेखा बताते हुए इसकी पवित्रता, पेय जल तथा आचमन जल बनाये रखने के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
