नई दिल्ली, 20 जुलाई , पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग को लेकर नई दिल्ली में प्रदर्शन और संसद घेरने ( Jantar Mantar Protest) के आंदोलन हिंसक होने के बाद अब इसके नेतृत्वकर्ताओं पर सवाल उठने लगे हैं. शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन चल रहा था तो फिर आंदोलन संसद घेरने तक कैसे पहुंचा ? कॉकरोच जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने ना तो सरकार कोऔर न ही किसी प्रकार का कोई ज्ञापन दिया और नहीं अपनी मांगों को उनके समक्ष प्रस्तुत किया? खासकर तब तब जब नीट के पेपर लीक होने की घटना के बाद पुनः परीक्षा कराई जा चुकी है और परीक्षा परिणाम घोषित भी हो गए हैं .
Jantar Mantar Protest: ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर हिंसक आंदोलन चलाना किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता है . आज सोमवार को दिल्ली में संसद का घेराव करने के लिए उत्तेजित युवाओं के द्वारा किए गए पतराव से लगभग 70 पुलिस अधिकारी और सिपाही घायल हुए हैं , जबकि जवाबी पर और इस प्रकरण में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है . इन लोगों पर हिंसक वारदात , करने पुलिस पर पथराव जैसे गंभीर आरोप हैं .
विभिन्न टीवी चैनलों पर चल रहे फुटेज से सीधा-सीधा और स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि आंदोलन जानबूझकर देश की कानून व्यवस्था, संविधान और लोकतंत्र को घायल करने के लिए ही किया गया था , अन्यथा संसद घेरने के दौरान पुलिस से टकराव, तोड़फोड़ को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता है . दिल्ली पुलिस विभिन्न तरीकों से आज के प्रदर्शन में हुई हिंसा की जांच भी कर रही है . हिंसक प्रदर्शन के दौरान कई ऐसे नारे लगाए गए हैं, जो देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए चिंता का सबक बनने वाले हैं, पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए सभी जरुरी उपाय किये हैं तब जाकर स्थिति संभाली जा सकी ,
इतना ही नहीं इस पूरे आंदोलन की फंडिंग और विपक्ष के भी कुछ नेताओं ने इस आंदोलन को ऊर्जा दी है. विपक्ष लंबे समय से मोदी सरकार को घेरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है लेकिन मोदी सरकार की लोकप्रियता, लोक कल्याणकारी योजनाएं और भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के यहां आगे विपक्ष पूरी तरीके से परास्त हो गया है . लोकसभा – विधानसभा में चुनाव में विपक्ष की बुरी तरह से हार हुई है. ऐसे में विपक्ष खुद करने की स्थिति में तो नहीं दिखाई पड़ रहा है कि मोदी सरकार को घेरा, ऐसे में भावनात्मक ज्वार उभार करके युवाओं को आगे करके अपने मकसद को सिद्ध करना चाहता है अब दिल्ली पुलिस सरकार हिंसक प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है और इनमें से तमाम हिरासत में लिए जा चुके हैं. इन लोगों से पूछताछ में पुलिस उन सभी बिंदुओं की तलाश करेगी, जिस वजहों से यह आंदोलन तोड़फोड़, हिंसक और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है.
