
बिलासपुर. बच्चों की पढ़ाई के प्रति समर्पित शिक्षकों की कमी नहीं है। वे विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से पीछे नहीं हटते हैं बल्कि उन्हें क्यों न अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी। बिलासपुर के एक स्कूल में हुई घटना कम से कम यही बताती है कि शिक्षक किसी भी सूरत में अपने कर्तव्य व स्कूली बच्चों के प्रति विमुख नहीं हो सकता है।
यह घटना बिलासपुर की है। यहां के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंधी कॉलोनी जरहाभाटा का स्कूल को नवीन शासकीय प्राथमिक शाला को उन्नत करके हाई स्कूल और मिडिल स्कूल लगाया जा रहा है। यहां बच्चों के बैठने के लिए जगह भी नहीं है फिर भी नगर निगम के इस स्कूल छत पानी के सीलन के कारण प्लास्टर गिर जाने से निर्मला भास्कर प्रधान पाठक का लहूलुहान होकर घायल हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। सभी की प्रार्थना से स्वस्थ हो रही हैं।
प्रधान पाठक कल्याण संघ ने की मांग
छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ बिलासपुर के द्वारा शासन से मांग की जाती है कि ऐसे स्कूलों में कृपया स्कूल ना लगाया जाए और बच्चों के हित में अच्छा होगी। इस स्कूल को अन्यत्र लगाया जाए छत पूरी तरह सीलन से भरा हुआ है कभी भी कोई घटना दुर्घटना गंभीर रूप से हो सकती है।
प्रांताध्यक्ष महिलांगे ने बताया कि निर्मला भास्कर प्रधान पाठिका के बच्चों से मोबाइल में बात हुई है। मैडम के सिर में चोट लगने के कारण डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी है कि सीटी स्कैन अनिवार्य है। मैडम अस्पताल से घर वापस आ चुकी है भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं।
