जिला विद्यालय निरीक्षकों की मिली भगत से प्रबंध तंत्रों द्वारा हो रहे शिक्षकों के उत्पीड़न पर पांडेय गुट ने जताई कड़ी नाराजगी : डॉ जितेंद्र सिंह पटेल
इंटर मीडियएटएक्ट के तहत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के प्रावधानों का नहीं हो रहा अनुपालन : ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ 28, फरवरी। सूबे के आशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से आये दिन जिला विद्यालय निरीक्षको की मिलीभगत से प्रबंधतंत्रों द्वारा लगातार हो रहे उत्पीड़न पर शिक्षक संघ पांडेय गुट ने गहरी नाराजगी जाहिर की है और शिक्षा अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कर उनसे तत्काल हस्तक्षेप किये जाने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज यहाँ जारी अपने बयान मे बताया कि उ प्र शिक्षा सेवा आयोग 2023 के गठन के बाद सेवा सुरक्षा की पूर्व धारा, 21 की समाप्ति के बाद से ही निरंकुश प्रबंध तंत्रों द्वारा शिक्षकों के निलंबन से लेकर सेवा समाप्ति तक कर दिये जाने का अनेक मामले प्रकाश में उजागर हो रहें है। यह कार्यवाई बिल्कुल ही असंवैधानिक है।

शिक्षक संघ के नेता ने कहा कि शिक्षा आयोग ने भी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हेतु इंटर मीडियएट एक्ट ,,के 1921 की धारा 16 छ की उप धारा 3 ( क) मे विहित प्रावधान के अंतर्गत कारवाई किये जाने हेतु निर्देश प्रदान किया गया है। इस धारा के तहत कोई भी प्रबंधतंत्र बिना जिला विद्यालय निरीक्ष क के पूर्व अनुमोदन/ अनुमति के प्रबंध तंत्र किसी भी शिक्षक के विरुद्ध कोई दंडित किये जाने की कार्य वाई नहीं की सकती ।, ” न तो शिक्षक को हटा सकता है, न उसकी सेवा समाप्ति कर सकता हैऔर न नोटिस तक दे सकता है, न पदच्युत किया जा सकता है, एवं न ही कोई परिलब्धियो में कोई कमी की जा सकती है। अर्थात बिना अनुमति के की गयी कार्यवाही विधि शून्य होने का प्रवधान है। शिक्षकों के लिए इतनी सेवा सुरक्षा का पहले से ही होते हुए भी जिला विद्यालय निरीक्षकों प्रबंध तंत्र की ऐसी कार्यवाई को उन्हें सीधे लौटा दिये जाने के बजाय महीने महीने तक अपने पास सुनवाई के नाम पर मामले लटकाये रखते हैं। बार बार प्रबंध तंत्र अर्जी दे कर समय मागता है। जबकि उनकी यह कार्य वाई कानूनन विलकुल गलत है।
शिक्षक नेताओं ने इस ओर अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा एवं महानिदेशक शिक्षा मोनिका रानी का व्यक्तिगत ध्यान आकृष्ट करते हुए तत्काल हस्तक्षेप किये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व अनुमति प्रबंध तंत्र ने लिया ही नहीं तो उसके द्वारा की गयी दंडातमक कार्य वाई को सीधे वापस कर दिया जाना चाहिए जबकि वह उसे अपने पास रख कर मिली भगत से शिक्षकों का उत्पीड़न किये जाने के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। शिक्षक नेताओं ने इस अतिसंवेदनशील मामले में किये जा रहे लगातार उत्पीड़न पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही कर अधिकारियों एवं प्रबंधतंत्रों की मनमानी पर अंकुश लगाए जाने की पुरजोर मांग की है।
