- निदेशक के आदेशों कीअधी नस्थ सक्षम अधिकारियों द्वारा अवहेलना, सेवा आचरण नियमावली के सर्वथा विपरीत : डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा जगत से तदर्थवाद को समाप्त करें योगी सरकार : ओ पी त्रिपाठी
लखनऊ, 26 अप्रेल , उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने मंडलीय एवं जनपदीय शिक्षा अधिकारियों पर न्यायालयीय, शासन एवं निदेशक स्तरीय आदेशों/ निर्देशन का खुला उल्लंघन कर मनमानी कर तदर्थ शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, संगठन प्रवक्ता ओ पी त्रिपाठी एवं महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने आज यहाँ जारी अपने बयान मे कहा कि सरकार व न्यायालय ने विगत तीस दिसंबर दो हजार तक के नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को उचित / नियम संगत मानते हुए सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर दिये जाने का आदेश निर्गत कर दिया है। इसी अनुक्रम में शिक्षा निदेशक मा, डॉ महेंद्र देव ने सभी JD एवं DIOS को संबोधित अपने आदेश मे निर्धारित समय सीमा में नियुक्त और निरंतर कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को बिना वेतन भुगतान को देखे नियमित किये जाने का स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर दिया है। इन सबके बाद भी अधीनस्थ सक्षम शिक्षा अधिकारियों द्वारा आदेश को अमल में न लाकर तदर्थ शिक्षक/ शिक्षिकाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। यह उनके साथ अत्यंत ही घोर अन्याय ही नहीं वरन अधीनस्थ आदेशों का उल्लंघन शिक्षा अधिकारियों की सेवा आचरण नियमावली के भी सर्वथा विपरीत है।
शिक्षक नेताओं ने इस अति संवेदनशील मामले में सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने कहा कि अब सूबे में मात्र दो हजार तीन सौ ही तदर्थ शिक्षक/ शिक्षिकायें नियमित होने से वंचित हैं और सेवा २८ से ३० वर्षों तक शिक्षा जगत में अपनी सेवा देते हुए सेवानिवृति के पड़ाव पर भी पहुँच चुके हैं। शिक्षक नेताओ ने इस मामले में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का ध्यान आकृष्ट कर तत्काल सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर प्रदेश के माध्य मिक शिक्षा जगत से तदर्थ वाद को समाप्त किये जाने की पुरजोर मांग की है।
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