लखनऊ , 13 मार्च , प्रदेश के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं .विभिन्न राजनीतिक दल व शिक्षक संगठन इन चुनाव को जीतने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति तैयार कर रहे हैं . कई संगठनों ने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं लेकिन लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति कुछ ज्यादा ही गर्म हो गई है . इसकी सबसे बड़ी वजह माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट द्वारा घोषित प्रत्याशी आशीष कुमार सिंह द्वारा चुनाव प्रचार तेज किया जाना है, जबकि पांडेय गुट के प्रतिद्वंद्वी माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट की ओर से अभी तक किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है.
शर्मा गुट द्वारा उम्मीदवार की घोषणा न किए जाने से माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के सक्रिय पदाधिकारियों में गहरी नाराजगी दिखाई पड़ रही है . हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि शिक्षक आपसी बातचीत में कह रहे हैं कि संगठन की ओर से अभी तक प्रत्याशी घोषित करना तो दूर चुनाव को लेकर चर्चा तक नहीं की जा रही है. ऐसे में पांडेय गुट के उम्मीदवार आशीष कुमार सिंह द्वारा शिक्षक मतदाताओं के बीच संपर्क करके अपने पक्ष में मत और समर्थन जुटाया जा रहा है. आशीष कुमार सिंह माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेश के महामंत्री भी हैं.
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के ही शिक्षक नेता नेशनल इंटर कॉलेज लखनऊ में एक शिक्षक जेके यादव द्वारा पांडेय गुट का समर्थन किए जाने से अधिक चिंतित हैं क्योंकि नेशनल इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का दबदबा रहा है और बड़ी संख्या में यहां के शिक्षक माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के सदस्य भी हैं लेकिन वर्तमान हालात में पांडेय गुट के प्रभावी होने के बाद कही जा रही है. इस विद्यालय में दो शिक्षकों की वरिष्ठता व प्रमोशन के मामले में भी शिक्षकों में नाराजगी है .चर्चा है कि शर्मा गुट से जुड़े शिक्षक को वरिष्ठता का लाभ नहीं मिल पाया जबकि संगठन के नेताओं को सभी परिस्थितियों से अवगत कराया गया था. माना जा रहा है की अब ये मामला संगठन के वरिष्ठ नेता डॉ आरपी मिश्रा के पास पहुंचेगा तभी शिक्षकों की नाराजगी दूर हो पायेगी.
