बिलासपुर , 25 अप्रेल , राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आईआईटी भिलाई में प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक संपन्न हुआ. इसमें बिलासपुर जिले से कीर्तन लाल बंजारे शिक्षक गणित शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला सेमरताल विकास खंड -बिल्हा जिला बिलासपुर एवं श्रीमती एस प्रतिमा शिक्षक विज्ञान शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिटकुली विकासखंड बिल्हा जिला बिलासपुर ने प्रशिक्षण में भाग लिया.
इस कार्यक्रम में बच्चों में नवाचारी आविष्कार आधारित गुणवत्ता का विकास और आईआईटी जैसे संस्थान में प्रवेश करने के लिए ग्रामीण बच्चों को भी जानकारी मिल सके इसके लिए आईआईटी भिलाई के निदेशक एवं छत्तीसगढ़ राज्य के समग्र शिक्षा विभाग ने पूरा सहयोग प्रदान किया . इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रोफेसर डॉक्टर महबूब आलम एवं प्रोफेसर डॉक्टर ध्रुव एवं पूरी आईआईटी भिलाई की टीम ने सहयोग प्रदान किया .

इस कार्यक्रम के अंतर्गत गणित शिक्षण को नवीन शिक्षा नीति 2020के तहत खेल आधारित आओ करके सीखें इस पर विशेष ध्यान दिया गया एवं भौतिक शास्त्र के आविष्कार रसायन शास्त्र के आविष्कार एवं नए-नए खोजी प्रवृत्ति के लिए बच्चों में जागरूकता पैदा करने के लिए नए-नए टूल्स का उपयोग अपवर्तन परावर्तन और नए-नए रिसर्च सेंटर का कैसे अविष्कार होता है उसके बारे में पूरे आईआईटी संस्थान के रसायन पैथोलॉजी लैब एवं भौतिक पैथोलॉजी लैब का भ्रमण एवं निरीक्षण कराया गया ताकि सभी शिक्षकों को इसकी जानकारी हो सके और इस जानकारी को बच्चों तक इंप्लीमेंट कर सके ताकि ग्रामीण अंचल के बच्चे भी नये नये आविष्कार नवाचारी शिक्षा के बारे में सोच और जागरूक हो सके .

इसके लिए राज्य समग्र शिक्षा संस्थान एवं आईआईटी संस्थान ने मिलकर एक कार्य योजना बनाई, जिससे बच्चों को नए-नए आविष्कार कैसे किया जाता है और नए अविष्कार के लिए कितनी मेहनत कितना लगन और ध्यान दिया जाता है इसमें लगभग पूरे राज्य भर के 50 शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें बिलासपुर से बंजारे सर एवं श्रीमती एस प्रतिमा ने भी अपनी भागीदारी दी और वहां से सीखने के बाद इस नवाचारी आविष्कार आधारित प्रशिक्षण को बच्चों में जानकारी देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ आईआईटी संस्थान में एक प्रतिवेदन भी दिया गया जिसमें बंजारे एवं पांडे ने सहभागिता निभाई।
