
- कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि इंक्यूबबेशन सेंटर, कौशल विकास केन्द्र एवं टेकनालॉजी इनेबलिंग सेंटर के माध्यम से विश्वविद्यालय में नवाचार की पहल भी की जा रही है।
बिलासपुर, 01 सितम्बर । गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विकसित भारत 2047 के निर्माण में अहम योगदान है। यह वक्तव्य उन्होंने संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकनालॉजी लोंगोवाल, संगरुरु पंजाब में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित विशेष व्याख्यान के दौरान दिया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एम.के. पासवान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षकों के शिक्षण, प्रशिक्षण एवं तकनीकी उन्नयन के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना को आत्मसात करते हुए स्वावलंबी छत्तीसगढ़ के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को विभिन्न सामाजिक सरोकार से प्रेरित योजनाओं को प्रसारित एवं जमीन पर साकार कर रहा है।
कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि इंक्यूबबेशन सेंटर, कौशल विकास केन्द्र एवं टेकनालॉजी इनेबलिंग सेंटर के माध्यम से विश्वविद्यालय में नवाचार की पहल भी की जा रही है। 250 से अधिक पेटेंट फाइलिंग एवं प्रदान किये जाने के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय में 35 से ज्यादा स्टार्ट अप कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में युवाओं को अधिक सक्षम एवं योग्य बनाने के लिए अनुभवजन्य शिक्षा के साथ ही लचीलेपन (फ्लेक्सिबिलिटी) पर जोर दिया गया है।
संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकनालॉजी लोंगोवाल के निदेशक प्रो. एम.के. पासवान ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न शिक्षक एवं अधिकारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
