लखनऊ , 24 अप्रेल , विद्यान्त हिन्दू पी.जी. कॉलेज के हिन्दी विभाग द्वारा आज 24 अप्रैल को एक भव्य साहित्योत्सव एवं ‘सोमनाथ – स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन कॉलेज परिसर में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साहित्य के माध्यम से रचनात्मक समाज के निर्माण को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और मानवीय मूल्यों का विकास करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. राजीव शुक्ला के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने मुख्य वक्ता प्रो. वीरेन्द्र कुमार यादव, विशिष्ट अतिथि प्रो. ऋषि कुमार मिश्र तथा अन्य सभी गणमान्य अतिथियों, दर्शकों का हार्दिक स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. ऋषि कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि एक रचनात्मक समाज के निर्माण में साहित्य की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्य वक्ता प्रो. वीरेन्द्र कुमार यादव ने अपने ओजस्वी व्याख्यान में साहित्य के समाजोपयोगी पक्षों पर प्रकाश डाला और अपनी ओजस्वी कविता का पाठ भी किया, जिसे सुनकर पूरा सभागार भावविभोल हो गया और उपस्थित सभी लोगों ने उनका अपार आदर किया।

इस अवसर पर साहित्योत्सव के संयोजक प्रो. बृजेश कुमार श्रीवास्तव तथा सह-संयोजक प्रो. सुरभि शुक्ला एवं प्रो. श्रवण कुमार गुप्ता रहे। ‘सोमनाथ – स्वाभिमान पर्व’ के संयोजक डॉ. दिनेश कुमार मौर्य थे। कॉलेज के शिक्षकों में एवं प्रो. शशि कांत त्रिपाठी, प्रो. अमरेश त्रिपाठी, डॉ. भूपेन्द्र सचन, प्रो. श्रवण कुमार गुप्ता डॉ. मो. शहादत हुसैन, डॉ. दिनेश कुमार मौर्य सहित अन्य शिक्षकगण अपनी-अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। जय नारायण पी.जी. कॉलेज से प्रो. मनोज कुमार पांडेय भी इस साहित्यिक उत्सव में शामिल हुए और उन्होंने अपने विचार रखकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। विद्यार्थियों ने भी प्रश्नोत्तरी, काव्यपाठ और साहित्यिक मंचन में अपनी प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। आयोजकों ने साहित्य के प्रति समर्पण और सृजनशील समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया।
