बिलासपुर , 02 अप्रेल , बिलासपुर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर उषा हाइट्स, वैशाली नगर में सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान चालीसा पाठ के उपरांत उपस्थित जनसमूह को हिंदुत्व में विज्ञान पर जानकारी देते हुए ललित अग्रवाल ने बताया कि हिंदू, धर्म व हिंदुत्व को सही (वास्तविक) परिपेक्ष्य में समझने की आवश्यकता है।
भारत में हिमालय से निकलने वाली बारह मासी नदियों का बाहुल्य होने से इसे सिंधुस्थान कहां जाता था। भाषा मुखसुख खोजती हैं। जैसे सप्ताह का हप्ता हुए वैसे ही कालांतर में यहीं अपभ्रंश होकर हिंदुस्थान हुआ तथा यहाँ रहने वाले हिंदू कहलाये। धर्म का अभिप्रायः किसी भी पूजा पध्दति से नहीं होता। वरन यह करणीय अकरणीय की कसौटियों का मापदंड होता हैं। जैसे प्यासे को पानी पिलाना, गरीबों की मदद करना, रोगी, असहाय की सेवा करना मानव धर्म हैं। अतः भारत मे रहने वाले प्रत्येक सह्रदय मानव हिंदू हैं। उनके पंथ पूजा पध्दति अलग अलग हो सकती हैं।
अब प्रश्न उठता हैं कि हिंदुत्व क्या हैं। तो हिंदुओ के प्रत्येक सद्गुण यथा नारी का सम्मान, सहअस्तित्व में विश्वास, सर्वे भवंतु सुखिनः, जिओ और जीने दो, सभी को अपने अपने तरीके से ईश पूजा करने देना। बड़ो का आदर करना। भारतीय संस्कृति व संस्कार को अक्षुण रखना आदि ही हिंदुत्व के सद्गुण हैं।
शुभमविहार मानस मंडली द्वारा सतत सुंदरकांड की 194वे पाठ में शुभमविहार विकास समिति के अध्यक्ष अखिलानंद पांडेय, ललित अग्रवाल, अखिलेश द्विवेदी, ए के स्वर्णकार, प्रमोद अवस्थी, विनोद अवस्थी, प्रमोद अवस्थी, डी के सक्सेना , ईश्वर तिवारी, हेमा लांबा, पूजा मूंदड़ा, संगीता त्यागी, मंजू अग्रवाल, ममता केवल रामानी, जोनल कमिश्नर रंजना अग्रवाल सहित ऊषा हाइट्स के अनेकों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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