- BSNV PG College में उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
लखनऊ, 02 अप्रेल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) न केवल शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना रहा है, बल्कि शोध कार्यों में भी नई संभावनाएं खोल रहा है। उक्त वक्तव्य “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : चुनौतियां और अवसर” विषय पर बी0एस0एन0वी0पी0जी0 कॉलेज, लखनऊ के कला संकाय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रो0 राकेश चंद्र ने कहा कि AI का प्रयोग बड़े सावधानी पूर्वक करना चाहिए । विशिष्ट वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ की प्रो0 किरण लता डंगवाल ने कहा कि व्यक्तिगत शिक्षण, डेटा-आधारित निर्णय, और स्मार्ट क्लासरूम जैसी अवधारणाएं तेजी से शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बन रही हैं ऐसे में AI एक आवश्कता के रूप में उभर रहा है ।

विशिष्ट वक्ता डॉ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की डॉ0 अर्चना सिंह ने कहा कि AI के द्वारा उपस्थित चुनौतियों जैसे डेटा गोपनीयता, तकनीकी असमानता, शिक्षकों का प्रशिक्षण, तथा नैतिक मुद्दे पर अपने विचार रखे । उन्होंने कहा कि एआई कभी मानव मस्तिष्क का विकल्प नहीं हो सकता । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य प्रो0 संजय मिश्र ने कहा कि AI के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग के लिए स्पष्ट नीतियों और संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
सेमिनार के समापन सत्र में संयोजक प्रो0 अनिल पाण्डेय ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के कार्यक्रमों को भविष्य में भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई । उन्होंने कहा कि इस सेमिनार से प्राप्त निष्कर्ष उच्च शिक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने में सहायक होंगे।
सेमिनार में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव पर गहन चर्चा की। संगोष्ठी के आयोजन सचिव प्रो0 प्रणव मिश्र थे और कार्यक्रम का संचालन डॉ0 अभिषेक कुमार ने किया । कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हुआ, जिसमें AI को शिक्षा के भविष्य का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया ।
