- अभाविप ने मनाया संगठन शिल्पी प्रो. यशवंतराव केलकर जी का जन्मशती वर्ष, ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का हुआ आयोजन
- अभाविप की पीढ़ियों का संगम बना ‘प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम
- प्रो. यशवंतराव केलकर जी ने विद्यार्थी परिषद को केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण की ऐसी सशक्त परंपरा के रूप में विकसित किया, जो व्यक्ति को जीवनभर समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनाती है : मनोज कांत
- अनुच्छेद 370 हटाने के वैचारिक संघर्ष में विद्यार्थी परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रही: दयाशंकर सिंह
लखनऊ, 21 जुलाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत द्वारा लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अभाविप के संगठन शिल्पी कहे जाने वाले प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में आज 21 जुलाई को विशेष अभिवाचन कार्यक्रम ‘प्रिय केलकर जी’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों तथा वर्तमान कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मंच पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार सह-प्रमुख मनोज कांत, विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता श्री आदित्य सिंह, युवा उद्यमी श्री अरुण रावत, प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय, प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा तथा लखनऊ महानगर मंत्री सरिता पाण्डेय उपस्थित रहे।
आज आयोजित अभिवाचन कार्यक्रम में प्रो. यशवंतराव केलकर जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, अभाविप के वैचारिक एवं संगठनात्मक निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान, छात्र संगठन की कार्यपद्धति को लेकर उनकी दूरदर्शी सोच तथा वर्तमान समय में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर विशेष अभिवाचन एवं विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम से पूर्व अभाविप के पूर्व एवं वर्तमान कार्यकर्ताओं का मिलन-समागम आयोजित हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं ने केलकर जी से जुड़े संस्मरण साझा किए तथा उनकी संगठनात्मक कार्यशैली, कार्यकर्ता निर्माण की परंपरा और विद्यार्थी परिषद की ध्येययात्रा में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख श्री स्वांत रंजन ने कहा कि, “प्रो. यशवंतराव केलकर जी ने विद्यार्थी परिषद को केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने परिषद को सदैव रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों, स्वायत्त कार्यशैली तथा सामूहिकता, अनामिकता, अनौपचारिकता और पारदर्शिता जैसे संगठनात्मक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा दी। आज जब समाज और छात्र जीवन अनेक नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब केलकर जी के विचार और कार्यपद्धति पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। उनका चिंतन आज भी विद्यार्थी परिषद की ध्येययात्रा का आधार है और प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नेतृत्व का मार्ग दिखाता है।”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार सह-प्रमुख मनोज कांत ने कहा कि, “प्रो. यशवंतराव केलकर जी ने विद्यार्थी परिषद को केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण की ऐसी सशक्त परंपरा के रूप में विकसित किया, जो व्यक्ति को जीवनभर समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनाती है। उनका विश्वास था कि अभाविप ऐसा व्यक्तित्व तैयार करे, जो दुनिया के किसी भी कोने में रहे, किसी भी क्षेत्र में कार्य करे, तो वह अपने विचार, आचरण और कार्य से भारत का प्रतिनिधित्व करे। आज उसी दृष्टि का परिणाम है कि अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनकर शिक्षा, सामाजिक जीवन, तकनीकी एवं नवाचार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, नीति-निर्माण, प्रशासन, न्यायपालिका, उद्योग तथा सार्वजनिक जीवन सहित प्रत्येक क्षेत्र में राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व प्रदान कर रहा है। यह विस्तार केवल संगठन का नहीं, बल्कि केलकर जी द्वारा स्थापित कार्यकर्ता निर्माण की उस परंपरा का प्रमाण है, जिसमें प्रत्येक पीढ़ी अपने वरिष्ठों से सीखते हुए समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करती है।”
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि, “हम कल भी विद्यार्थी परिषद के थे, आज भी विद्यार्थी परिषद के हैं और आगे भी विद्यार्थी परिषद के ही रहेंगे। आज मैं जो कुछ भी हूँ, वह अभाविप की ही देन है। अभाविप ने केवल संगठन में कार्य करने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व के संस्कार भी दिए। अभाविप ने ऐसे हजारों कार्यकर्ताओं का निर्माण किया है, जिन्होंने छात्र जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाई है। अनुच्छेद 370 का हटना राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस संकल्प को साकार करने में विद्यार्थी परिषद ने वर्षों तक वैचारिक संघर्ष, जनजागरण और राष्ट्रहित के पक्ष में वातावरण निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य किया। आज यदि यह सपना साकार हुआ है, तो उसमें विद्यार्थी परिषद के अनगिनत कार्यकर्ताओं के दीर्घकालीन संघर्ष और समर्पण का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैं युवाओं का आह्वान करता हूँ कि वे विद्यार्थी परिषद के मूल्यों, राष्ट्रवादी विचार और सेवा की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।”

अभाविप, अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि, “यह हमारे लिए हर्ष और गौरव का विषय है कि अभाविप के संगठन शिल्पी प्रो. यशवंतराव केलकर जी की जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके विचारों का स्मरण और चिंतन करने का अवसर प्राप्त हुआ। इससे भी अधिक प्रेरणादायी यह रहा कि संगठन की विभिन्न पीढ़ियों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सान्निध्य एवं मार्गदर्शन एक ही मंच पर मिला। उनके अनुभव और केलकर जी से जुड़े संस्मरण वर्तमान कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। हमें विश्वास है कि यह मिलन-समागम कार्यकर्ताओं में नए उत्साह, नई ऊर्जा और संगठन के प्रति अधिक समर्पण का भाव जागृत करेगा तथा वे समाज और राष्ट्र के हित में और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करेंगे।”
अभाविप के पदाधिकारियों में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो. राजशरण शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री (पूर्वी उत्तर प्रदेश) घनश्याम शाही, अवध प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, अवध प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, प्रांत सह संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र सहित प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पूर्व कार्यकर्ताओं में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनूप गुप्ता, नवनियुक्त भाजपा प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि, अवधेश श्रीवास्तव, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र, प्रमुख शिक्षाविद प्रो. जे.पी. सिंह सहित सैकड़ों पूर्व कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं वर्तमान कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
