
नई दिल्ली. केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही तेजी दिखानी शुरू कर दी है। उनके कामकाज में तेजी आने से मंत्रालयों के अधिकारी भी सक्रिय होकर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपडेट होने लगे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने पीएमई-विद्या, राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा वास्तुकला (एनडीईएआर) और “स्वयं” सहित शिक्षा मंत्रालय की विभिन्न डिजिटल शिक्षा पहलों की समीक्षा की। राज्यमंत्री अन्नापूर्णा देवी, राज्यमंत्री राजकुमार रंजन सिंह और राज्यमंत्री सुभाष सरकार भी इस बैठक में शामिल हुए। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्रियों को इन पहलों के बारे में जानकारी दी।
शिक्षा में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के महत्व पर जोर देते हुए धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा प्रौद्योगिकी के उपयोग से एक खुली, समावेशी और सुलभ शिक्षा के लक्ष्यों को अर्जित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा में एक जीवंत डिजिटल इको-सिस्टम छात्रों के लिए शिक्षण के अवसरों का विस्तार करने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा भी देगा।
धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने शिक्षा के डिजिटल माध्यम में बदलाव को आवश्यक बना दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा शुरू की गई डिजिटल पहलों को और अधिक मजबूत तथा संस्थागत बनाया जाएगा।
