लखनऊ, 10 मार्च | झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ के भौतिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव मनोहर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय ( Dr. Shyama Prasad Mukherjee University Ranchi) का कुलपति नियुक्त किया है। इसी प्रकार नालंदा विश्वविद्यालय के प्राध्यापक सह डीन डॉ. अभय कुमार सिंह झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय ( Jharkhand State Open University ) के कुलपति नियुक्त हुए हैं।
राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने आज 10 मार्च को राज्य के तीन विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति कर दी है। इसके तहत इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय, दिल्ली की प्राध्यापक डॉ. ईला कुमार जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त हुई हैं। इसी प्रकार लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजीव मनोहर की रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय ( Dr. Shyama Prasad Mukherjee University Ranchi) के कुलपति के पद पर नियुक्ति की गई है। डॉ. राजीव को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2018 में सरस्वती सम्मान दिया गया। उन्हें वर्ष 2002 में इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन से यंग साइंटिस्ट के अलावा कई अन्य अवार्ड मिले हैं।
राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा इन तीनों विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति की अधिसूचना उनके अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने मंगलवार को जारी की है। इनकी नियुक्ति योगदान की तिथि से तीन वर्ष के लिए या राज्यपाल की इच्छा तक के लिए की गई है। साथ ही उन संस्थानों से विजिलेंस क्लीयरेंस ली जाएगी, जहां ये वर्तमान में कार्यरत हैं।
विश्वविद्यालय में उत्तम शैक्षणिक माहौल की पुनर्स्थापना : डॉ. राजीव
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नियुक्त हुए LU के प्रोफ़ेसर डॉ. राजीव मनोहर ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में कहा कि विश्वविद्यालय में उत्तम शैक्षणिक माहौल कायम करना उनकी प्राथमिकता होगी। छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों की सभी समस्याओं का उचित समाधान किया जाएगा।
प्रो. राजीव मनोहर ने पिछले 32 सालों से लिक्विड क्रिस्टल के कैरेक्टराइजेशन और एप्लीकेशन पर काम किया है। वे पिछले 25 वर्षों से डोप्ड लिक्विड क्रिस्टल पर काम कर रहे हैं। उनके डाई डोप्ड फेरोइलेक्ट्रिक और नेमैटिक लिक्विड क्रिस्टल सिस्टम के बेहतर आप्टिकल सेल्फ अलाइनमेंट और ऑप्टिकल स्विचिंग ने शोधकर्ताओं का बहुत ध्यान खींचा है।
उन्होंने 300 से अधिक पेपर प्रकाशित किए हैं और 15 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। उन्हें वर्ष 2002 में इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन से यंग साइंटिस्ट के अलावा कई अन्य अवार्ड मिले हैं।
