शिक्षा निदेशक कैंप कार्यालय का घेराव एवं प्रदर्शन , पांडेय गुट ने की कार्य क्रम के तैयारी की समीक्षा- पुरानी पेंशन व तदर्थ शिक्षकों के संवेदनशील मामले सहित लंबित प्रकरण पर तत्काल हो कार्यवाही – डॉ जितेंद्र सिंह पटेल
लखनऊ , 7 नवंबर। शासन स्तर पर लंबित अपनी 12 सूत्रीय मांगो को लेकर पांडेय गुट आगामी 17 नवंबर को शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय का घेराव/ प्रदर्शन संघर्ष कार्यक्रम के निर्णय को अमलीकरण लाये जाने की तैयारी तेज कर दिया है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन एवं तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किये जाने व उनके दस महीने से उनके वेतन रोक कर उत्पीड़न किये जाने के मामले को संगठन ने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि लगता है शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार को बदनाम करने की नीयत से एक ही तरह के मामले में अलग अलग जिलों/ मंडलों मे अलग अलग मानदंड अपना रहे हैं . उनके लिए कोर्ट और विभाग के उच्च अधिकारियों के जारी आदेशों के कोई मायने ही नहीं है। कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बाद भी सक्षम अधिकारी शासन को मार्गदर्शन के नाम पर मामले लटका कर उत्पीड़न किया जा रहा है।

इस मामले को विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथीसेन शर्मा जी ने स्वयं संज्ञान में लेकर मामले में स्पष्ट आदेश जारी भी किया है कि ऐसे लोगो के विरुद्ध कड़ी कार्य वाई की जायेगी जो स्वयं सक्षम होते हुए भी अनावश्यक मार्ग दर्शन के नाम पर मामले उच्च शिक्षा अधिकारियों के पालहे में डालकर निस्तारण मे विलंब करते हैं। इस तरह से उसका खामिया जा शिक्षकों एवं शिक्षिकाओ को भुगत ना पड़ रहा है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार के लिए गए फैसलो को भी जैसे कैश लेस चिकत्सा सुविधा, अवशेष भुगतान, सेवा सुरक्षा, एवं पदोंनत्ति यो के मामले अधिकारियों द्वारा लंबित कर उत्पीड़न किया जा रहा है। इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त है। पांडेय गुट ने इन्ही मांगो को लेकर आगामी १७ नवंबर को शिक्षा निदेशक के कैंप कार्या लय लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन कर घेराव किये जाने पर संघर्ष की घोषणा करने पर मजबूर हुआ है। संघर्ष के कार्यक्रम में प्रदेश के भारी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाये शामिल होगें।
