
- उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डॉ. संजय शुक्ला ने आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान से उनके संसद भवन स्थित कार्यालय में मुलाकात की और राज्य विश्वविद्यायों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट किया.
- डॉ. संजय शुक्ला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी का ध्यान आकृष्ट करते हुए अवगत कराया कि देश भर के विश्वविद्यालय में शिक्षकों को एक समान वेतन, भत्ते एवं प्रोन्नति आदि का लाभ मिल रहा है, वही कर्मचारियों के संबंध में यह व्यवस्था लागू नहीं है।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान से लखनऊ विश्वविद्यालय आने का अनुरोध किया।
- शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारी समस्याओं के समाधान के निर्णायक कदम उठाएगी, इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट देने को कहा है।
लखनऊ/ नई दिल्ली , 19 अगस्त। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डॉ. संजय शुक्ला ने आज 19 अगस्त को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान ( Dharmendra Pradhan ) से उनके संसद भवन स्थित कार्यालय में मुलाकात की और राज्य विश्वविद्यायों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट किया और उनको लखनऊ विश्वविद्यालय आने का अनुरोध किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों के शैक्षिक गुणवत्ता बनाने में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कर्मचारी समस्याओं के समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाएगी।
इस दौरान संजय शुक्ला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी का ध्यान आकृष्ट करते हुए अवगत कराया कि देश भर के विश्वविद्यालय में शिक्षकों को एक समान वेतन, भत्ते एवं प्रोन्नति आदि का लाभ मिल रहा है, वही कर्मचारियों के संबंध में यह व्यवस्था लागू नहीं है। केंद्र सरकार ने पुस्तकालय संवर्ग से कुछ पदों को भी यूजीसी वेतनमान प्रदान किया है लेकिन लिपिकीय संवर्ग सहित अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। परिणाम स्वरूप एक ही विश्वविद्यालय में दोहरी व्यवस्था लागू है जिसको लेकर कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त हो रहा है। महासंघ अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से एक राष्ट्र – एक चुनाव, एक देश – एक विधान – एक प्रधान की तर्ज पर देश भर के विश्वविद्यालयों में एक व्यवस्था लागू करने के साथ ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की भांति राज्य विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को वेतन, भत्ते, चिकित्सा सुविधा व पेंशन आदि प्रदान करने की मांग की।
इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारी समस्याओं के समाधान के निर्णायक कदम उठाएगी, इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है, शैक्षिक गुणवत्ता बनाने में शिक्षकों के समान कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, केंद्र सरकार इसके प्रति गंभीर है और इस विषय पर निर्णायक कदम उठाएगी। लखनऊ आने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह शीघ्र तिथि निर्धारित कर अवगत कराएंगे।
