
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath )की मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ( Swami Prasad Maurya) ने त्यागपत्र के साथ ही राजनीति की ऐसी इबारत लिख दी कि उत्तर प्रदेश की पूरी राजनीति ही बदल गई। पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक की राजनीति में भाजपा और सपा सीधे-सीधे मुकाबले में आ गए।
दारा सिंह चौहान ने भी दिया त्यागपत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की घोषणा के बाद से राज्य की सियासत में तेजी से बदलाव आ रहा है। अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ( Swami Prasad Maurya) ने न केवल त्यागपत्र दिया बल्कि एक दिन बाद बुधवार को भाजपा छोडऩे का ऐलान कर दिया। इनके साथ-साथ प्रदेश के एक और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने त्यागपत्र दे दिया। दारा सिंह मधुबन विधानसभा सीट से विधायक हैं और वे मौर्य के साथ ही बसपा के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। लेकिन जब मौर्य भाजपा में आए तो वे दारा सिंह चौहान भी भाजपा में आ गए।
दो दर्जन विधायक नाराज
अब तक दर्जन भर विधायकों ने भाजपा में विद्रोह जैसी हालत पैदा कर दिए हैं। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि इन विधायकों ने टिकट कटने की संभावना पर पार्टी छोडऩे का निर्णय लिया है जबकि अभी तक टिकट के बारे में कोई फैसला ही नहीं हुआ है।
इन विधायकों ने छोड़ी भाजपा
भाजपा के लगभग दो दर्जन विधायक नेतृत्व से खासे नाराज हैं। इनमें तिंदवारी से विधायक ब्रजेश प्रजापति, विधूना से विधायक विनय शाक्य, बिल्हौर से विधायक भगवती प्रसाद सागर,तिलहर से विधायक रोशन लाल वर्मा, बिल्सी के विधायक आरके शर्मा, सीतापुर सदर से विधायक राकेश वर्मा, नानपारा की विधायक माधुरी वर्मा, मधुबन से विधायक दारा सिंह चौहान, खलीलाबाद से विधायक जय चौबे आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।
14 को मौर्य ज्वाइन करेंगे सपा
स्वामी प्रसाद मौर्य ( Swami Prasad Maurya) ने ऐलान किया है कि वे समर्थकों के साथ १४ जनवरी को सपा ज्वाइन करेंगे। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही मौर्य और उनके साथियों का सपा में स्वागत किए जाने का ट्वीट कर यह संकेत दे चुके हैं कि सपा उनके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
