
- लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पाण्डेय करेंगे उद्घाटन
लखनऊ, 04 सितम्बर,campus samachar.com, कला दीर्घा, अंतरराष्ट्रीय दृश्यकला पत्रिका एवं कला स्रोत कला वीथिका, लखनऊ द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गुरुओं को समर्पित नैवेद्य अखिल भारतीय चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन शिक्षक दिवस पर कला स्रोत कला वीथिका में 5 सितम्बर को लखनऊ जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा शाम 6 बजे किया जायेगा।
प्रदर्शनी में कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लखनऊ के वरिष्ठ आचार्य आलोक कुमार, प्राचार्य डॉ रतन कुमार, वरिष्ठ आचार्य रविकांत पाण्डेय, डॉ शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के ललित कला विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष आचार्य राजेंद्र प्रसाद, प्राध्यापक डॉ अवधेश मिश्र, अतिथि व्याख्याता डॉ फौजदार, डॉ रीना गौतम, शोध छात्र प्रशान्त चौधरी, श्रद्धा तिवारी, पूर्व छात्र एवं छात्राएं डॉ अनीता वर्मा, सुमित कुमार, अभिषेक कुमार (पोंडिचेरी), अनुराग गौतम (मध्य प्रदेश), अर्पिता द्विवेदी, अनुरंजिका द्विवेदी, सौरवी सिंह, ज्ञान चन्द्र, उमा शंकर, राजकुमार अकेडमी, लखनऊ से सपना यादव और सुमित कश्यप, कानपुर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ सचिव गौतम, डॉ मिठाई लाल और प्रिया मिश्रा, इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज से डॉ सचिन सैनी के अतिरिक्त रश्मि सिंह, आगरा, हिमांशु शर्मा और निलेश अशोक इंगले, महाराष्ट्र, इन्द्रपाल, सीतापुर, कमलेश्वर सिंह, मथुरा, मयंक सिंह यादव, अलीगढ़, डॉ ओमप्रकाश गुप्ता, बनारस, पंकज यादव, कानपुर, प्राची यादव, उन्नाव, आर राजेशियो, राजस्थान और गणेश शंकर मिश्र, छत्तीसगढ़ तथा मयंक वैश्य, शिवानी वर्मा, वैभव पाण्डेय, अर्चिता मिश्र, अंजली यादव और श्रीयांशी सिंह, लखनऊ, कुल 41 कलाकार सम्मिलित हो रहे हैं।

प्रदर्शनी की क्यूरेटर डॉ लीना मिश्र ने बताया कि 5 सितम्बर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर पूरे देश में बड़े धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसीलिये कला दीर्घा अंतरराष्ट्रीय दृश्यकला पत्रिका अपने रजत जयन्ती वर्ष में पूर्व की भाँति अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए दो पीढ़ियों के साधनारत-कलाकारों को एक मंच पर लाकर गुरुओं के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने हेतु नैवेद्य प्रदर्शनी के साथ उपस्थित है।
इस प्रदर्शनी के आयोजन में सहभागी बनी कला स्रोत कला वीथिका के निदेशक द्वय- श्रीमती मानसी डिडवानिया और श्री अनुराग डिडवानिया द्वारा कला परिदृश्य में निरन्तर दिए जा रहे अवदान को भी रेखांकित किये जाने की आवश्यकता है जिन्होंने गैरसरकारी संस्था के रूप में कलाकारों को यह मंच उपलब्ध कराया है। यह प्रदर्शनी जिन तीन युवा कलाकारों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है, वे भी कला जगत में आज ध्यातव्य बन चुके हैं जिनकी अपनी रचनात्मकता और आयोजनों का समन्वयन सराहनीय है। प्रदर्शनी के समन्वयकत्रय- डॉ अनीता वर्मा, प्रशान्त चौधरी एवं सुमित कुमार की सतत सक्रियता से कलाजगत में कुछ बेहतर होगा, आशा है।

पत्रिका की प्रकाशक ने बताया कि ‘कलादीर्घा’ भारतीय कलाओं के विविध स्वरूपों का दस्तावेजीकरण और उसके प्रसार के उद्देश्य से सन 2000 में श्रीमती अन्जू सिन्हा (संस्थापक प्रकाशक) और डॉ अवधेश मिश्र (संस्थापक संपादक) द्वारा स्थापित, दृश्य कलाओं की अन्तरदेशीय पत्रिका है जो अपनी उत्कृष्ट कला-सामग्री और सुरुचिपूर्ण-कलेवर के कारण सम्पूर्ण कलाजगत में महत्त्वपूर्ण पत्रिका के रूप में दर्ज की गई है। कला दीर्घा देश-विदेश में अन्जू सिन्हा और डॉ अवधेश मिश्र की मानस-संतति के रूप में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बनाते हुए पल्लवित-पुष्पित होती रही और स्थापना वर्ष से लेकर अपनी यात्रा के रजत जयंती वर्ष पूर्ण करने तक अपने दायित्वों का सम्पूर्णता में निर्वहन करती रही है।

पत्रिका ने समय-समय पर वरिष्ठ कलाकारों के कला-अवदान का सम्मान करते हुए युवा कलाकारों को अपनी अभिव्यक्ति और नित नए प्रयोगों को कलाप्रेमियों के समक्ष प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया है। कलादीर्घा, दृश्य कलाओं की अन्तरदेशीय पत्रिका हाल में ही आयोजित कला प्रदर्शनी ‘हौसला’, ‘वत्सल’, ‘समर्पण’, ‘ढिबरी’, ‘बसन्त’, ‘नास्टैल्जिया.25’, ‘चौपाल’, ‘हुलास’, ‘मड़ई’, और ‘अरघान’ के उपरान्त आज फिर ‘नैवेद्य’ प्रदर्शनी के साथ उपस्थित है, जिसका प्रदर्शन 5 से 8 सितम्बर 2025 तक दोपहर 12 बजे से 07 बजे शाम तक कला स्रोत कला वीथिका, अलीगंज, लखनऊ में होगा।
