लखनऊ | पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow ) के गृह विज्ञान विभाग, ललित कला क्लब, अवध सांस्कृतिक क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का विषय (Theme): मिलेट्स की रेसिपी एवं पौष्टिक पेय पदार्थ रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की गयी .
राष्ट्रीय पोषण माह के समापन के शुभ अवसर पर गृह विज्ञान विभाग, ललित कला क्लब, अवध सांस्कृतिक क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिलेट्स की रेसिपी एवं पौष्टिक पेय पदार्थ रेसिपी प्रतियोगिता’ का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow ) की बालिकाओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी पाक कला का शानदार प्रदर्शन किया। छात्राओं द्वारा मोटे अनाजों की महत्ता को प्रदर्शित करते हुए बाजरे के लड्डू, सिंघाड़े के आटे के समोसे, रागी के फरे, बाजरे की इडली, और बाजरे का पुआ जैसी विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक एवं स्वादिष्ट रेसिपीज के साथ-साथ कई पौष्टिक पेय पदार्थ भी तैयार किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गृह विज्ञान विभाग में गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ, जहाँ महाविद्यालय ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow ) के विभिन्न विभागों के सम्मानित प्राध्यापकों की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। इसी क्रम में प्रोफेसर किरण सिंह ने आदरणीय प्राचार्य महोदया प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव को सुंदर बुके भेंट कर उनका अत्यंत आत्मीय स्वागत किया। इसके उपरांत प्रोफेसर किरण सिंह द्वारा उपस्थित समस्त प्राध्यापकों एवं छात्राओं के समक्ष वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मिलेट्स के पोषण मूल्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूरे पोषण माह की संक्षिप्त आख्या प्रस्तुत की गई। प्राचार्य प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे माह चले इस अभियान और ब्लड टेस्ट से बालिकाओं को पोषक तत्वों की कमी का व्यावहारिक ज्ञान हुआ है, जिससे वे अपनी सेहत के प्रति जागरूक होंगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि गृह विज्ञान की छात्राएँ मिलेट्स के महत्व को स्वयं अपनाकर, बच्चों और पूरे समाज के स्वास्थ्य व खान-पान में सुधार लाने में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में ISAT के स्टेट प्रमुख अवनीश मिश्रा जी उपस्थित रहे जिन्होंने इस दिशा में कौशल विकसित करने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। तत्पश्चात् प्राचार्य महोदया एवं सभी प्राध्यापक गणों ने बच्चों द्वारा बनाए गए मिलेट्स व्यंजनों का रसास्वादन किया।

प्रतियोगिता के अंत में निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट व्यंजनों का चयन कर परिणामों की घोषणा की गई। इसमें प्रथम पुरस्कार बाजरे के फरे बनाने के लिए कनक लता को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से बाजरे का पुलाव व बाजरे का पराठा बनाने के लिए अनामिका रावत को, तथा रामदाने की खीर तैयार करने के लिए रौशनी कश्यप को मिला। तृतीय पुरस्कार संयुक्त रूप से कुट्टू के आटे की बर्फी और लड्डू के लिए सुहानी लोधी को, तथा बाजरे की इडली तैयार करने के लिए अन्वी सिंह और पलक द्विवेदी को दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी छात्र-छात्राओं के बेहतरीन प्रयासों की सराहना करते हुए उन सभी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। कुल 12 स्टॉल में 15 तरह के मिलेट्स व्यंजन प्रस्तुत किए गए। मंच का संचालन डॉ निशी मिश्रा, अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। अंत में प्रोफेसर मीशू सिंह, रसायन विज्ञान विभाग द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
