नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 30 अक्तूबर को सफलता और श्रेष्ठता में चरित्र एवं कर्म के महत्त्व को रेखांकित करने वाले एक संस्कृत श्लोक को साझा किया, उन्होंने कहा कि ‘सच्ची सफलता और श्रेष्ठता’ केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि चरित्र और कर्म से आती है|
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मनुष्य का उत्तम चरित्र ही उसका सबसे बड़ा आभूषण (गहना) है, और उसका श्रेष्ठ कर्म ही उसकी पहली सफलता होती है। अच्छे चरित्र के बिना संसार में कभी भी वास्तविक यश (कीर्ति) नहीं मिल सकता, और बिना सही कर्म किए कभी भी किसी फल (सफलता) की प्राप्ति नहीं हो सकती।
