वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवारों का बदलता स्वरुप पर छात्रों ने व्यक्त किए विचार
लखनऊ, 05 अप्रेल , मुमताज पीजी कॉलेज, लखनऊ ( Mumtaz PG College ) के तत्वावधान में ‘कमरयाब जिलानी मेमोरियल अंतर-महाविद्यालयी रनर ट्रॉफी’ के अंतर्गत एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का विषय ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवारों का बदलता स्वरुप: संयुक्त परिवार बनाम एकल परिवार’ था, जिसमें शहर के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में विषय के पक्ष और विपक्ष में अपने तर्कपूर्ण विचार साझा किए।
कार्यक्रम में निर्णायक (जज) के रूप में नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज ( Nari Shiksha Niketan P.G. College) की प्राचार्या प्रोफेसर सुनीता कुमार ने शिरकत की और छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की। इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ बी.ए. तृतीय वर्ष के छात्र जमील अहमद की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुआ । कार्यक्रम ( Mumtaz PG College ) के प्रारंभ में अतिथियों को गुलदस्ता और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
अपने स्वागत भाषण में कॉलेज ( Mumtaz PG College lucknow ) के प्राचार्य प्रो. नसीम अहमद खान ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए इस वाद-विवाद का विषय अत्यंत प्रासंगिक है। एक ओर जहाँ हम संयुक्त और एकल परिवार के महत्व को सामाजिक दृष्टिकोण से देखते हैं, वहीं दूसरी ओर जीवन की आपाधापी में हम उन मूल्यों को भूलते जा रहे हैं जहाँ परिवार और कुनबे की अपनी अहमियत होती थी। उन्होंने कहा कि जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच परिवार की संरचना में बदलाव का सबसे गहरा प्रभाव बुजुर्गों पर पड़ा है। संयुक्त परिवारों में बुजुर्गों को एक सक्रिय स्थान प्राप्त था, जहाँ वे न केवल निर्णय लेते थे बल्कि उनकी देखभाल भी घर के भीतर ही होती थी। आज हमें शिक्षा के साथ-साथ यह भी सीखना है कि मूल्यों और नैतिकता के संरक्षण के लिए परिवार के दोनों स्वरूपों की अपनी भूमिका है।

Nari Shiksha Niketan P.G. College : वाणिज्य विभाग की प्रभारी एवं एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. शाहीन जमाल ने विशिष्ट शैली में कार्यक्रम का संचालन किया और अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक संरचना के बदलाव में महिलाओं की सामाजिक और शैक्षिक प्रगति की प्रमुख भूमिका है। जहाँ एकल परिवारों ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और करियर बनाने के अधिक अवसर दिए हैं, वहीं बच्चों के पालन-पोषण और संस्कारों में संयुक्त परिवार प्रणाली का अपना अलग प्रभाव रहा है। डॉ. शाहीन जमाल ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों से भी अवगत कराया।
इस प्रतियोगिता में मुमताज पीजी कॉलेज ( Mumtaz PG College ) के साथ-साथ बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पीजी कॉलेज (Bappa Sri Narain Vocational P.G College (KKV), आईटी कॉलेज( Isabella Thoburn Degree College | Lucknow) नवयुग कन्या पीजी कॉलेज ( Navyug Kanya Mahavidyalaya ) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों ने हिस्सा लिया और अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया। सभी वक्ताओं ने बदलते सामाजिक ढांचे में पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण को समय की मुख्य आवश्यकता बताया।
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. उमा पांडेय ने की। इसमें नवयुग कन्या पीजी कॉलेज की महिमा कनौजिया और शांभवी गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुमताज पीजी कॉलेज ( Mumtaz PG College ) के मोहम्मद जमशेद और सनी दीक्षित ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि रजा अबरार और तंजीम फातिमा ने भी विशिष्ट स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार (कॉन्सलेशन प्राइज) के लिए आईटी पीजी कॉलेज की हनान मारिया और सुमैरा शेख का चयन किया गया।
डॉ. उमा पांडेय ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इन सभी टीमों को आगामी 11 तारीख को कॉलेज के वार्षिक समारोह में ‘रनर ट्रॉफी’ और व्यक्तिगत रूप से विजेताओं को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
अंत में, कॉलेज ( Mumtaz PG College ) के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद सलमान खान ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आर्ट्स फैकल्टी इंचार्ज प्रो. शाजिया सिद्दीकी खान सहित सभी शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह जानकारी डॉ. उमा पांडे (कार्यक्रम संयोजिका) मुमताज पीजी कॉलेज, लखनऊ ने दी है .
