लखनऊ , 12 अप्रेल . लखनऊ विश्वविद्यालय के महमूदाबाद एवं हबीबुल्ला छात्रावास के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नारी शक्ति वंदन अधिनियम,2023 प्रभावी क्रियान्वयन एवं जागरुकता अभियान ( Nari Shakti Vandan Adhiniyam) का कार्यक्रम संपन्न हुआ l मुख्य अतिथि द्वय के रूप में क्रमशः छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अमिता कन्नौजिया एवं मुख्य अभिरक्षक प्रो. आशीष अवस्थी उपस्थित रहे l यह कार्यक्रम शिक्षक संवाद एवं विद्यार्थियों के साझे भागीदारी से सम्पन्न हुआ l कार्यक्रम प्रारंभ करने से पूर्व प्रो. ओपी शुक्ला द्वारा आगंतुक अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया.

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: भाषण प्रतियोगिता में प्रखर शुक्ला एवं अतुल केशरवानी क्रमशः प्रथम स्थान,उत्कर्ष सिंह द्वितीय स्थान और विपुल चंद्र श्रीवास्तव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया l प्रतिभागियों ने अपने तीखे भाषण में वर्तमान अधिनियम को सराहा तो किसी ने स्वतंत्रता के इतने वर्ष बीतने के बाद, अधिनियम लागू किए जाने पर प्रश्न भी खड़ा किया l स्वतंत्र प्रतिभागी के रूप में दिव्यांग छात्र नवनीत सिंह ने पंचायत चुनाव को कटघरे में खड़ा किया कि किस प्रकार महिला प्रधान चुने जाने के बाद भी पुरुष ही नेतृत्व करते हैं . भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. राहुल पांडेय जी ने विजई छात्रों की घोषणा करते हुए, संबंधित विषय पर संवाद किया . डी. एस. डब्लू. प्रो. अमिता कन्नौजिया ने छात्रों का आह्वान किया कि आप अपने घर महिलाओं के सर्वांगीण भागीदारी सुनिश्चित करें .

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: विकसित भारत 2047 तब तक अधूरा है जब तक कि महिला सशक्तिकरण नहीं हो जाता है l मुख्य अभिरक्षक प्रो. आशीष अवस्थी जी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस अधिनियम की सराहना किया l कार्यक्रम का कुशल संचालन अभीष्ट जी ने किया l मुख्य रूप से प्रो. अमित सिंह, डॉ. अमरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे l धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हरिनाम सिंह द्वारा किया गया l कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ .

कार्यक्रम संयोजक प्रो. ओपी शुक्ला ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम का उद्देश्य अधिनियम के संदर्भ में जागरूकता किया जाना होता है l विश्वविद्यालय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान, नाट्य मंचन व छात्रावासों के मध्य विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी .
