लखनऊ, 10 अप्रैल लगभग डेढ़ शताब्दी पुराना आई टी कॉलेज ( Isabella Thoburn College Lucknow ) एक बार फिर अपनी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता के कारण चर्चा में है।
कॉलेज ( Isabella Thoburn College) में आयोजित बैकालॉरिएट पुरस्कार समारोह ने छात्राओं की शैक्षणिक उत्कृष्टता को भव्य रूप से रेखांकित किया। कोविड के पाँच वर्षों के अंतराल के बाद पुनः आयोजित इस समारोह में कॉलेज अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) ई.एस. चार्ल्स के संरक्षण में मुख्य अतिथि के रूप में रेवरेंड बिशप डॉ. सी. सेल्विन अपनी पत्नी श्रीमती एल. सेल्विन के साथ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह द्वारा ‘कॉल टू वर्शिप’ से हुआ, जिसमें शास्त्र पाठ, प्रार्थनाएँ एवं भजन शामिल थे। इसके पश्चात ज्ञान के प्रतीक दीप का प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि, प्राचार्या तथा सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में बिशप डॉ. सी. सेल्विन ने संस्थापकों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और मूल्यों के प्रकाश से समाज को आलोकित करें तथा घृणा के स्थान पर प्रेम और सह-अस्तित्व को अपनाएँ। उन्होंने Vinoba Bhave के विचारों का उल्लेख करते हुए परस्पर प्रेम और सम्मान का संदेश दिया।

इस अवसर पर शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र, पदक एवं छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं। प्रमुख पुरस्कारों में इज़ाबेला थोबर्न छात्रवृत्ति महक आल्टर, मैरी ई. शैनन छात्रवृत्ति जेसिका पालिन लाकरा, मार्जोरी डिमिट छात्रवृत्ति अस्मा वजाहत तथा ओलिव रेडिक छात्रवृत्ति माही सिंह को प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त सारा चक्को फेलोशिप नैना तिवारी एवं अनुष्का सिंह को दी गई, जबकि सारा चक्को मेरिट अवार्ड प्रशंसा, दिव्यांशी पांडे और अंशिका वर्मा को प्रदान किया गया।
टॉपर्स का सम्मान
स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। स्नातक स्तर पर बीए में शैमिल नाज़, बीएससी (पीसीएम) में कनिष्का सिंह, बीएससी (जेडबीसी) में अंबरीन खान, बीकॉम में कृतिका राणा तथा बीएचएससी में भूमिका वर्मा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
स्नातकोत्तर स्तर पर जावेरिया नजाम (अंग्रेज़ी), वैशाली वर्मा (अर्थशास्त्र), ताशु (भूगोल), साइमा सिद्दीकी (समाजशास्त्र) तथा अनन्या श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। वहीं एमएससी एवं अन्य पाठ्यक्रमों में मेघा कुमारी (जैव प्रौद्योगिकी), अक्सा खान (रसायन विज्ञान), उज़मा बानो (पोषण), अफरीन खान (प्राणी विज्ञान) और सारा फातिमा (बी.लिब.एससी) को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर गणित विभाग की उपलब्धियाँ भी विशेष रूप से चर्चा में रहीं। एक वार्ता में विभाग के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि कॉलेज ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. ई.एस. चार्ल्स के नेतृत्व में सीमित संसाधनों में भी संस्थान ने पारदर्शिता और उत्कृष्टता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मेट्रो परियोजना के दौरान कॉलेज की भूमि की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे Rani Lakshmibai की दृढ़ता से प्रेरित बताया। उन्होंने न केवल सौ वर्ष से अधिक पुराने भवनों को उत्कृष्ट रूप से संरक्षित रखा, बल्कि कई नए भवनों का निर्माण भी सुनिश्चित किया।
गणित विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 66वें दीक्षांत समारोह (2023) में मुस्कान कुमारी ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर कीर्तिमान स्थापित किया, और अर्शा ने कांस्य पदक अर्जित किया। जबकि 2024 में हुस्ना अंसारी ने 3 पदक अर्जित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेज का गणित विभाग न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि STEM क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि इसाबेला थोबर्न कॉलेज नारी सशक्तिकरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता का सशक्त केंद्र बना हुआ है।
