
बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ( GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए हम सभी को अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य करना है।
यह वक्तव्य नैनोसाइंस, नैनोटेक्नालॉजी एंड एडवांस मटेरियल्स विषय पर मंगलवार को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी व कायज़्शाला के अवसर पर दिया। शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी व कार्यशाला का उद्घाटन कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर, मां सरस्वती की प्रतिमा एवं पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के चित्र पर पुष्प अपिज़्त किये। अतिथियों का नन्हें पौधे से स्वागत किया गया।
भौतिकीय विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. जी.के. पात्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम के चेयरमैन व शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पी.के. बाजपेयी ने राष्ट्रीय संगोष्ठी व कार्यशाला के उद्देश्यों एवं विषय वस्तु के विषय पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने (GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR) कुलपति प्रो. चक्रवाल, मुख्य अतिथि प्रो. एन.एल. सिंह एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. कुबेरकर की उपलब्धियों के विषय में सदन को जानकारी प्रदान की।
GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR) के कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने सभी में व्याप्त परमपिता परमेश्वर के अंश को नमन करते हुए अपना वक्तव्य प्रारंभ किया। हमें ज्ञान अर्थव्यवस्था (नॉलेज इकॉनोमी) के रूप में स्थापित होने के लिए बेहतर शोध एवं नवाचार संपादित करने होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कायज़्शाला नैनो मटेरियल्स पर शोध के विकास को नया आयाम देगी।
नई शिक्षा नीति NEP-2020 पर दिया जोर
( GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR)कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हमें प्रयोगशाला ज्ञान से जमीनी ज्ञान की ओर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ स्वतंत्रता प्रदान करती है कि हम अपनी क्षमता के अनुसार किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारण के बाद दिशा, निष्ठा, लगन, अनुशासन, समर्पण एवं निरंतरता के गुण के साथ एकाग्रचित भाव से प्रयास करने पर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
नैनोमटेरियल्स की सदी बनने जा रही
मुख्य अतिथि प्रो. एन.एल. सिंह, एमएस विश्वविद्यालय बड़ौदा गुजरात ने राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय समाचीन होने के साथ भौतिकी के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नैनोमटेरियल्स की सदी बनने जा रही है। इस तकनीक के माध्यम से बायो साइंस, मेडिकल साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स व रक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। इस तकनीक के प्रयोग से किसी वस्तु को छोटे आकार के साथ मजबूत व हल्का बनाया जा सकता है।
प्रोफेसर चक्रवाल की दूरदर्शिता को सराहा
विशिष्ट अतिथि प्रो. डीजी कुबेरकर सौराष्ट्र विश्वविद्यालय राजकोट ने कहा कि कुलपति प्रो. चक्रवाल के सक्षम नेतृत्व एवं कुशल मागज़्दशज़्न में ( GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR) आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि नैनोसाइंस, नैनो टेक्नालॉजी एवं एडवांस मटेरियल्स के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों में जहां भी आवश्यकता होगी मैं हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहूंगा।
संगोष्ठी में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास अमेरिका की प्रो. माया नायर, जोहांसबर्ग विश्वविद्यालय दक्षिण अफ्रीका के प्रो. टी. पाल, प्रो. नीरज मिश्रा एमिटी विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश एवं अन्य देश-विदेश के विषय विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्र में व्याख्यान प्रस्तुत किया।
धन्यवाद ज्ञापन संगोष्ठी के संजोयक व शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. अरूण कुमार सिंह एवं कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव एवं रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुभाष बनर्जी ने किया। कार्यक्रम में ( GHASIDAS VISHWAVIDYALAYA (A Central University BILASPUR) विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षों के साथ शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मिश्रित माध्यम से शामिल हुए।
