सीयू के वनस्पति विभाग द्वारा दो दिवसीय साइंस कांग्रेस का आयोजन
बिलासपुर, 25 जुलाई गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) की जीव विज्ञान विद्यापीठ के वनस्पति विभाग द्वारा डीएसटी-फिस्ट के सहयोग से दो दिवसीय जीजीवी स्टूडेंट साइंस कांग्रेस (जीएसएससी-2025) का आयोजन 24-25 जुलाई, 2025 को किया गया। 24 जुलाई, 2025 को आयोजित जीजीवी स्टूडेंट साइंस कांग्रेस 2025 के उद्घाटन समारोह में मंचस्थ अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल, प्रो. नीलांबरी दवे, पूर्व कुलपति सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, गुजरात, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे, प्रो. सीमा राय, अधिष्ठाता जीव विज्ञान विद्यापीठ, प्रो. एच.एस. तिवारी, अधिष्ठाता, भौतिकीय विज्ञान विद्यापीठ उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि वैज्ञानिक बिना किसी स्वार्थ के समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए शोध कार्य संपादित करता है। उन्होंने कहा कि शोध, अनुसंधान एवं नवाचार के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है लेकिन केवल संसाधनों के आधार पर शोध संभव नहीं है। शोध के लिए जिज्ञासु स्वभाव एवं तर्क करने की क्षमता जरूरी है।
सौराष्ट्र विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. नीलांबरी दवे ने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदान करते हुए श्रेष्ठ शोध करने के लिए प्रेरित किया।
इन शोधार्थियों की रही अहम भूमिका
छात्रों की इस साइंस कॉग्रेंस में श्री अनुराग द्विवेदी एवं सुश्री चंद्रलेखा पिपारिया ने संयोजक के दायित्व का निर्वाहन किया। सह-संयोजक सुश्री भारती स्वेन एवं आयोजन सचिव श्रीमती प्रियंका कुमारी एवं सुश्री शिवाली शर्मा रहे।
इससे पूर्व मां सरस्वती की वंदना एवं कुलगीत से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। संगोष्ठी की संयोजक सुश्री चंद्रलेखा पिपारिया ने स्वागत भाषण दिया तथा मंचस्थ अतिथियों का परिचय कराया। इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन हुआ। मंचस्थ अतिथियों का स्टोल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। संगोष्ठी के संयोजक श्री अनुराज द्विवेदी ने धन्यवाद एवं कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव श्रीमती प्रियंका कुमारी ने किया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के 160 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण एवं अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
