सेमरताल/ बिलासपुर , 20 जुलाई , छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के बैनरतले डॉ. खूबचंद बघेल ( Dr. Khubchand Baghel ) की जयंती पर हरश्रृंगार सामुदायिक भवन राजकिशोर नगर में संगोष्ठी आयोजित किया गया। जिसका विषय ‘स्वप्नद्रष्टा डॉ. खूबचंद बघेल’ रखा गया। संगोष्ठी के प्रारम्भ में समाज के पदाधिकारियों ने डॉ. बघेल की प्रतिमा की पूजा की। प्रदेश सचिव देवनारायण कश्यप, ओमप्रकाश वर्मा, यज्ञेश कौशिक, ज्योति सिंगरौल, नवोदिता पाटनवार ने उपस्थित संरक्षक सिद्धेश्वर पाटनवार, बी. आर. कौशिक, डॉ. हेमंत कौशिक, इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई, प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप कौशिक, महिला प्रदेशाध्यक्षा डॉ. शारदा कश्यप का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
Dr. Khubchand Baghel : स्वागत उपरांत मुख्य वक्ता बी. आर. कौशिक ने डॉ. बघेल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बघेल जी छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नद्रष्टा थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के शोषण के खिलाफ आवाज उठायी और पृथक छत्तीसगढ़ की माँग की। वे जातिपाति, कुरीतियों, आडंबर के धुर विरोधी थे। संरक्षक डॉ. हेमंत कौशिक ने बघेल जी को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि रायपुर जिले के ग्राम पथरी में जन्म लेकर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुए। छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की रक्षा के लिए कई बार जेल गए। राज्य और समाजहित में सरकारी नौकरी को भी त्याग दिए।

डॉ. शारदा कश्यप ने बताया कि उनके पिता स्व. रामाधार कश्यप डॉ.बघेल के साथ भातृसंघ में कदम मिलाकर काम किए। बघेल जी समाज में बराबरी के लिए सक्रिय रहे। वे अच्छे नाटक कार व साहित्यकार थे। उन्हीं की प्रेरणा से छत्तीसगढ़ को जागरूक करने चंदैनी गोंदा का मंचन किया गया। प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप कौशिक ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि हम सबको डॉ. बघेल के आदर्शों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को अग्रिम पंक्ति में खडा करना है। हमें आपस में सद्भाव रखते हुए प्रदेश की संस्कृति को पोषित करना है। उन्होंने बताया कि डॉ. खूबचंद बघेल ने छत्तीसगढ़ की अस्मिता को जागृत किया।
संगोष्ठी में महिला प्रकोष्ठ की महासचिव सुमन कौशिक, इंजी. लक्ष्मी कुमार गहवई, इंजी. सिद्धेश्वर पाटनवार, देवनारायण कश्यप, सुरेश कौशिक, ओमप्रकाश वर्मा, पदुम कश्यप, कोमल पाटनवार, तोखन चंद्राकर, मीना पाटनवार सहित उपस्थित सभी स्वजातियों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का सफल संचालन चेतना मंच के प्रदेश महासचिव अनिल कुमार वर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ज्योति सिंगरौल ने किया।
