देहरादून, 20 जुलाई , उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों और मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP 2020 ) के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समितियां बनाई जायेंगी. साथ ही समाज के लोगों को आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सभागार में हुई बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी इस सम्बन्ध में जानकारी दी, उनके अनुसार ल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कक्षा नौ से 12वीं तक के पाठ्यक्रम के लिए विशेषज्ञ समितियां गठित होंगी। इस बैठक में कक्षा नौ से 12वीं तक के लिए धार्मिक और मूल्यपरक पाठ्यक्रम बनाने पर भी विचार हुआ। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन पाठ्यक्रमों के निर्माण के लिए विषयवार बनने वाली विशेषज्ञ समितियों में धार्मिक शिक्षा के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समावेशी पाठ्यक्रम तैयार करना है।
इसके अलावा मदरसों के लिए राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गुया है , इसके तहत यह अभियान मदरसों के प्रबंधकों और संचालकों को आधुनिक शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा। इसका लक्ष्य धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना है। यह अभियान प्राधिकरण के सदस्यों के नेतृत्व में जिला प्रशासन के सहयोग से हर जनपद में चलेगा।
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