
- महिलाएं इस दिन अपने अपने घरों में नाना प्रकार के पकवान बनाकर गौ माता को खिलाते हैं। प्रसाद के रूप में घर घर जाकर बाटते है।
पोरा का त्योहार सभी जगह उत्साह के साथ मनाते हैं।
बिलासपुर, 23 अगस्त , आज शा प्रा शाला नहरीभाठा में शिक्षक और विद्यार्थीयों ने बड़े ही उत्साह के साथ मिट्टी से बना नंदी बैल का प्रधान पाठक सरिता नेताम, दिनेश कोरी जी महावीर कौशिक, रूप राम निर्मलकर जी ने मिलकर पुजा अर्चना की गई। विद्यार्थियों ने अपने अपने बैल को सजाकर लाए थे और शाला प्रांगण में ख़ुश होकर चला रहे थे।
पोरा का त्योहार हमारे छत्तीसगढ में सदियों से चला आ रहा रिवाज है इस दिन किसान कृषि कार्य पूर्ण हो जाने के बाद अपने अपने घरों में बैला को सजाकर पुजा पाठ करके गांव के मैदान में दौड़ाते हैं, महिलाएं इस दिन अपने अपने घरों में नाना प्रकार के पकवान बनाकर गौ माता को खिलाते हैं। प्रसाद के रूप में घर घर जाकर बाटते है।
पोरा का त्योहार सभी जगह उत्साह के साथ मनाते हैं।
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