

- प्रधान पाठिका निशा अवस्थी द्वारा बताया गया कि FLN मेला (Foundational Literacy and Numeracy Mela) बड़े उत्साह और आनंदमय वातावरण में आयोजित किया गया।
- FLN मेला को सफल बनाने में सुनील बंजारे, श्रीमती संध्या चतुर्वेदी, श्रीमती सरिता सायशेरा, बसंत पांडेय, प्रेम बल्लभ शुक्ला जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
बिलासपुर, 20 नवम्बर, जनपद प्राथमिक शाला जलसों संकुल -पौसरा जिला बिलासपुर में 4 नवंबर 2025 को FLN मेला 2025 “करके देखबो , सीख के रहीबो” का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जलसो सरपंच संजय करने , उपसरपंच एवं ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष विकास वर्मा, विशिष्ट अतिथि संकुल प्रभारी राम गोपाल साहू, शैक्षिक समन्वयक श्री आकाश गढेवाल एवं जगदीश खरे पंच, धरम यादव , जंत्री सूर्यवंशी ,पालकगण, जनप्रतिनिधिग ण सम्मिलित हुए।
साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। प्रधान पाठिका निशा अवस्थी द्वारा बताया गया कि FLN मेला (Foundational Literacy and Numeracy Mela) बड़े उत्साह और आनंदमय वातावरण में आयोजित किया गया। यह मेला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बच्चों में मूलभूत भाषा, गणित एवं पठन-लेखन कौशल विकसित करने के उद्देश्य से लगाया जाता है।FLN मेला एक खेल एवं गतिविधि आधारित सीखने का आयोजन है, जिसमें बच्चे विभिन्न स्टॉलों पर जाकर भाषा, गणित, अंग्रेजी, बालवाड़ी गतिविधियों को खेल-खेल में सीखते हैं। यह मेला बच्चों को करके सीखने (Learning by Doing) का अवसर प्रदान करता है।राष्ट्रीय मिशन “निपुण भारत” के अनुसार वर्ष 2026-27 तक सभी बच्चों को कक्षा-3 तक FLN दक्षता प्राप्त करवाना अनिवार्य है।सीखने की गति तेज करता है. बच्चों के कौशल को मापने का अवसर देता हैशिक्षकों को नवाचार लागू करने का मंच देता है।समुदाय व पालक को विद्यालय से जोड़ता है। इसलिए 100% FLN लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह मेला अत्यंत आवश्यक है।

बच्चे मेले के विभिन्न स्टॉलों पर खेल सामग्री,गतिविधि किट,चार्ट,कार्ड,पज़ल,गणितीय उपकरण,चित्र व फ्लैश कार्ड के माध्यम से सहभागितापूर्ण तरीके से सहज रूप में सीखते हैं। बच्चे अपनी गति से, बिना दबाव के भाषा, गणित एवं तर्क शक्ति का अभ्यास करते हैं।भाषा, गणित, अंग्रेजी एवं बालवाड़ी स्टॉल की विशेषताएँ जैसे1. भाषा स्टॉल अक्षर पहचानों, शब्द निर्माण,चित्र पहचान,वाक्य निर्माण खेल,उच्चारण एवं कहानी कथन गतिविधि गणित स्टॉल,संख्या पहचान
जोड़–घटाना,वस्तुओं की गिनती,आकार, पैटर्न व माप के खेल3. अंग्रेजी स्टॉल,अल्फाबेट पहचान,फोनेटिक्स,सरल शब्द व वाक्य,बोलने एवं पढ़ने के खेल4. बालवाड़ी स्टॉल रंग, आकार, sorting games,fine motor activities,पजल, ब्लॉक बिल्डिंग,कविता, rhyme, story corner,FLN लक्ष्य nvप्राप्ति में शाला, समुदाय एवं पालक की भूमिका, रोचक गतिविधियाँ, नियमित मूल्यांकन एवं सीखने का अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
समुदाय सीखने का माहौल बनाता है, मेले में सहभागी होकर बच्चों का उत्साह बढ़ाता है।पालक घर पर पढ़ने का समय, वार्तालाप और गतिविधियों में सहयोग देकर बच्चे की सीखने की गति बढ़ाते हैं।
इन तीनों की संयुक्त भागीदारी ही FLN के 100% लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने की कुंजी है। FLN मेला को सफल बनाने मे सुनील बंजारे, श्रीमती संध्या चतुर्वेदी, श्रीमती सरिता सायशेरा, बसंत पांडेय, प्रेम बल्लभ शुक्ला जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा FLN मेला बच्चों के सर्वांगीण विकास और सीखने की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। सभी शिक्षकों, पालकों और समुदाय के सहयोग से यह अभियान निश्चित ही सफल होगा।
