
- गर्व की बात हैं कि जाने माने हिंदुत्ववादी चितंक विचारक व विश्व मे पहली बार बिलासपुर से प्रकाशित हिंदू दैनंदिनी के संपादक व राष्ट्रीयकृत बैंक के महाप्रबंधक सुनील अग्रवाल को इस प्रथम बैच में प्रशिक्षित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
बिलासपुर , 29 सितम्बर , विविध न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित सकारात्मक निवारणार्थ शासन और सर्वोच्च न्यायालय ने एक नई पहल शुरू की हैं। उन्होंने देश के जाने माने प्रख्यात शोधकर्ता, विचारकों, चिंतकों को प्रशिक्षित करने हेतु देश भर से चयनित प्रथम बैच को प्रशिक्षण दिया। हमारे लिए गर्व की बात हैं कि जाने माने हिंदुत्ववादी चितंक विचारक व विश्व मे पहली बार बिलासपुर से प्रकाशित हिंदू दैनंदिनी के संपादक व राष्ट्रीयकृत बैंक के महाप्रबंधक सुनील अग्रवाल को इस प्रथम बैच में प्रशिक्षित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
जताई खुशी
सर्वोच्च न्यायालय में गत पांच दिनों के ‘मध्यस्थता’ पर विशेष प्रशिक्षण में सुनील अग्रवाल के चयनित एवं प्रशिक्षित होने पर बिलासपुर के ललित हीरालाल गर्ग, अभिषेक गौतम, विष्णु सिंह, पुरुषोत्तम अग्रवाल, रायपुर के करुणा सागर पंडा, आशीष अग्रवाल, मुंगेली के रामकिंकर सिंह परिहार, महासमुंद के एम आर विश्वनाथन, बंगलुरू के व्ही गणेश, छतरपुर के मयंक मोनष मिश्रा, धर्मशाला के राहुल पारासर सहित देश भर से हजारों हिंदुत्ववादी चिंतकों ने हर्ष व्यक्त कर, शुभकामनाएं देते हुये विश्वास व्यक्त किया हैं कि “मध्यस्थता” हेतु उनका प्रशिक्षण इस बात का द्योतक हैं कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का घोष वाक्य “यतो धर्मस्ततो जय:” यह उद्घोष करता है कि यदि idea of India को अभिव्यक्त करना है तो हमें हिन्दुत्व की शरण में ही आना पड़ेगा। ..
