

- विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर ए.पी.तिवारी ने कहा कि स्वतंत्र भारत की यह पहली भारत केंद्रित शिक्षा नीति है। डॉ.बलजीत श्रीवास्तव जी ने स्मृति चिन्ह व पट्टिका पहनाकर उनका स्वागत किया.
लखनऊ, 24 सितम्बर , बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय,हिंदी प्रकोष्ठ, द्वारा ‘हिंदी दिवस’ के उपलक्ष्य पर ‘हिंदी पखवाड़ा उत्सव 2025’ के निमित्त सप्तदिवसीय हिंदी कार्यशाला के “नई शिक्षा नीति और हिंदी शिक्षण” विषय पर हिंदी कार्यशाला का आयोजन,24 सितम्बर,2025 को अम्बेडकर अध्ययन विद्यापीठ सभागार कक्ष,बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में किया गया।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर ए.पी. तिवारी( पूर्व विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र,डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ,लखनऊ) उपस्थित रहे. डॉ.बलजीत श्रीवास्तव जी ने स्मृति चिन्ह व पट्टिका पहनाकर उनका स्वागत किया. विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर ए.पी.तिवारी ने सभा का मार्गदर्शन किया! प्रोफेसर तिवारी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत की यह पहली भारत केंद्रित शिक्षा नीति है। अब हमें यह विचार त्याग देने चाहिए कि अंग्रेजी के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा की एनईपी भारत केंद्रित शिक्षा नीति है जो देश की प्रकृति, परिवेश और संस्कृति को दिशा देगी। आगे उन्होंने कहा हमारी मातृ भाषाएं हमारी लोक व व्यापक जन की संवाद व संप्रेषण की भाषा है, यह हमारे राष्ट्र की धरोहर है यदि हम इनके प्रति ही स्वाभिमान का भाव पैदा नहीं कर सके तो फिर हम अपने राष्ट्र के प्रति भी स्वाभिमान का भाव नहीं रख सकते हैं.
सभागार में कुल 56 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई ! कार्यक्रम का संयोजन सहायक निदेशक (राजभाषा) व सहायक आचार्य हिंदी विभाग बी.बी.ए.यू, डॉ.बलजीत कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया!
