- बालिका विद्यालय में भारत विकास परिषद द्वारा ‘गुरुवंदन-छात्राभिनंदन’ कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ, ‘गुरुवंदन-छात्राभिनंदन’ भारतीय शिक्षा-संस्कृति की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसमें गुरु और शिष्य के संबंध को केवल ज्ञान के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि उसे संस्कार, सम्मान और व्यक्तित्व-निर्माण का आधार समझा जाता है। गुरु वह दीपक है, जो स्वयं जलकर शिष्य के जीवन को प्रकाशमान करता है। वह केवल पाठ्यज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा भी प्रदान करता है। वहीं छात्र समाज और राष्ट्र के भविष्य का संवाहक होता है, जिसकी प्रतिभा, अनुशासन और संवेदनशीलता आने वाले समय की संरचना निर्धारित करती है। ‘गुरुवंदन’ गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और सम्मान की अभिव्यक्ति है, जबकि ‘छात्राभिनंदन’ विद्यार्थियों की उपलब्धियों, संभावनाओं और प्रयासों का अभिनंदन है। यह आयोजन शिक्षा को केवल परीक्षा और परिणाम तक सीमित न रखकर उसे मानवीय मूल्यों, प्रेरणा और परस्पर आदर के उत्सव में रूपांतरित करता है। वास्तव में, जहाँ गुरु का आशीर्वाद और छात्र का समर्पण एक साथ उपस्थित होते हैं, वहीं सच्चे अर्थों में शिक्षा का मंदिर जीवंत होता है।

इसी भावभूमि पर आज बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में भारत विकास परिषद, महिला शाखा, चौक द्वारा ‘गुरुवंदन-छात्राभिनंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लीना मिश्र ने भारत विकास परिषद महिला शाखा, चौक की संरक्षक सुश्री कंचन अग्रवाल, अध्यक्ष श्रीमती अलका अग्रवाल तथा सचिव श्रीमती प्रीति अग्रवाल का विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानाचार्या डॉ. लीना मिश्र ने छात्राओं को इस आयोजन के उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा कि गुरु और छात्र एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। गुरु की महत्ता को कोई भी नकार नहीं सकता। गुरु जैसा चाहे, छात्र को वैसा गढ़ सकता है और यदि छात्र गुरु द्वारा दिखाए गए सही मार्ग पर सतत अग्रसर रहे, तो संपूर्ण समाज उसका अभिनंदन करने के लिए तत्पर रहता है। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती मंजुला यादव द्वारा किया गया।

श्रीमती प्रतिभा रानी के निर्देशन में कक्षा 9 की छात्राओं इल्मा एवं राखी ने गुरु की महत्ता को दर्शाते हुए मधुर गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात समस्त अतिथियों एवं प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र द्वारा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर, प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित छात्राओं में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में विज्ञान वर्ग की सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा जाह्नवी, कक्षा 11 में कला वर्ग की छात्रा आराधना निषाद तथा विज्ञान वर्ग की छात्रा शालिनी पाल, कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा हर्षिता मिश्रा, कक्षा 9 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा काजल तिवारी, कक्षा 8 की छात्रा इल्मा, कक्षा 7 की छात्रा जाह्नवी तथा कक्षा 6 की छात्रा आयुषी शुक्ला सम्मिलित रहीं।

भारत विकास परिषद की ओर से सुश्री कंचन अग्रवाल, श्रीमती अलका अग्रवाल एवं श्रीमती प्रीति अग्रवाल ने विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र तथा समस्त शिक्षिकाओं—श्रीमती उमा रानी यादव, श्रीमती सीमा आलोक वार्ष्णेय, श्रीमती पूनम यादव, श्रीमती उत्तरा सिंह, श्रीमती ऋचा अवस्थी, श्रीमती माधवी सिंह, श्रीमती रागिनी यादव, श्रीमती मंजुला यादव, श्रीमती मीनाक्षी गौतम, श्रीमती प्रतिभा रानी एवं श्रीमती रितु सिंह—को उपहार भेंट कर सम्मानित किया। भारत विकास परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अलका अग्रवाल ने छात्राओं को गुरु की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए बताया कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है, क्योंकि वही व्यक्ति को सही दिशा, सही दृष्टि और सही मूल्य प्रदान करता है। श्रीमती माधवी सिंह ने प्रेरणादायी कविता-पाठ के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के अंत में संचालिका श्रीमती मंजुला यादव ने सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। यह कार्यक्रम गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के मानवीय मूल्यों और प्रतिभा सम्मान की भावना का एक सुंदर उदाहरण बनकर सभी के मन में विशेष छाप छोड़ गया।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबर
