
- राष्ट्रीय सचिव डॉ नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षकों व कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लखनऊ, 25 अक्तूबर , नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) और ऑल टीचर्स एम्पलाईज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के तत्वावधान में पूरे देश में विगत कई वर्षों से पुरानी पेंशन की बहाली और निजीकरण की समाप्ति के लगातार संघर्ष किया जा रहा है जिसका परिणाम है कि आज पुरानी पेंशन की बहाली और निजीकरण की समाप्ति देश का प्रमुख मुद्दा बन गया है और कई राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो गई है और कई लाख कर्मचारी और शिक्षकों समेत अधिकारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है। संगठन के संघर्ष की बदौलत 1जनवरी 2004 के पूर्व में प्रकाशित नौकरियों में बाद में ज्वाइन करने वालों को पुरानी पेंशन बहाली का लाभ मिला लेकिन जब तक देश भर के शिक्षक व कर्मचारियो को NPS/UPS को हटाकर पुरानी पेंशन की बहाली नही हो जाती, निजीकरण की समाप्ति और TET की अनावश्यक अनिवार्यता समाप्त नहीं हो जाती। संघर्ष जारी रहेगा । भारत सरकार इन मांगो को लगातार अनसुना कर रही है।
इन्हीं मांगो को लेकर NMOPS और अटेवा के बैनर तले आज दिनांक 25अक्टूबर को पूरे देश के सभी राज्यों की राजधानियों में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार से पुनः अनुरोध किए जाने को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। उसी कड़ी मे लखनऊ के प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) और अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि TET की समाप्ति,पुरानी पेंशन की बहाली और निजीकरण की समाप्ति के लिए 25 नवंबर को नई दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रेसवार्ता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु कहा कि यूपीएस पूरी तरह से फेल योजना साबित हुई क्योंकि 24 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों में 97% लोगो ने इसको अस्वीकार कर दिया जबकि सरकार बार-बार उसका समय बढ़ा रही है इससे स्पष्ट है कि देश के शिक्षकों, कर्मचारियों ने एनपीएस और यूपीएस दोनों को नकार दिया। सरकार को चाहिए कि OPS का भी विकल्प खोल दे, सारी हकीकत सामने आ जाएगी। सरकार ने निजीकरण की रफ्तार को तेज किया है जिससे देश में सरकारी संस्थान लगातार कमजोर हो रहे है और बेरोजगारी की दर बढ़ रही है इन्हीं मुद्दों को लेकर एक विशाल प्रदर्शन 25 नवंबर को दिल्ली में किया जाएगा।
राष्ट्रीय सचिव डॉ नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षकों व कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार शिक्षक व कर्मचारियों के मुद्दों को हल करने के लिए उदारता दिखाए क्योंकि शिक्षक व कर्मचारी ही सरकार की रीढ़ है और वहीं सरकार की योजनाओं को धरातल पर ले जाता है। TET की अनिवार्यता करके शिक्षकों को अपमानित किया जा रहा है शिक्षा के माहौल को खराब किया जा रहा है। अपने मुद्दे को ताकत देने के लिए स्नातक और शिक्षक विधान परिषद के आगामी होने वाले चुनाव में सभी शिक्षक और कर्मचारी अधिक से अधिक अपने नाम वोटर लिस्ट में बढ़वाए ।
प्रेस वार्ता में सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री एवं लेखपाल संघ के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह जी ने सभी संगठनो से 25 नवंबर को दिल्ली पहुंचने की अपील की है l श्री अशोक कुमार प्रांतीय महामंत्री नर्सिंग एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने कहा कि कि हमारा चिकित्सा स्वास्थ्य पूरी तरह से 25 नवंबर को दिल्ली अवश्य पहुंचेगा.
लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ मनोज पांडे एवं पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ कर्मचारी नेता भारत सिंह यादव ने अटेवा के संघर्ष सराहना करते हुए सभी शिक्षकों कर्मचारी संगठनो से अपील किया है कि इस संघर्ष में अटेवा का सहयोग करे क्योंकि यह लड़ाई हमारी आने वाली पीढ़ियों की है।
प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, डॉ रमेश चंद्र त्रिपाठी प्रदेश मंत्री संजय रावत अध्यक्ष मिनिस्ट्रियल संगठन स्वास्थ्य निदेशालय, हरिशंकर राठौर, श्री अमित कुमार प्रांतीय महामंत्री,पवन गौतम, अध्यक्ष सर्किल एसोसिएशन सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश, रामेंद्र श्रीवास्तव प्रांतीय महामंत्री, पंचायती राज सफाई कर्मी संघ, नरेंद्र कुमार यादव प्रांतीय अध्यक्ष अनुसचिवीय सिंचाई विभाग संघ, जिला अध्यक्ष लखनऊ सुनील कुमार वर्मा, विजय कुमार विश्वास, नरेंद्र कुमार, विवेक,धीरेंद्र, मनोज, रेलवे से राकेश चंद्र वर्मा मंडलीय मंत्री एन ई रेलवे मेंस कांग्रेस राघवेंद्र सिंह सुधीर खरे तथा अमन यादव मंडल अध्यक्ष संगठन रेलवे एवं अलग-अलग विभाग के लोग शामिल रहे।
