- तदर्थ शिक्षकों को नियमित किये जाने में सक्षम शिक्षा अधिकारियों की हठधर्मिता पर, मुख्यमंत्री जी करें तत्काल हस्तक्षेप : डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- : तदर्थ शिक्षकों के विनियतमितीकरण मामले में सक्षम शिक्षा अधिकारियों की संवेदन हीनता की परा काष्ठा ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ, 24 जुलाई। पिछले पच्चीस से तीस वर्ष की लंबी सेवा करने के बाद भी सूबे के माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लगभग २३०० तदर्थ शिक्षकों को पूरी तौर पर अब तक विनियमित न किये जाने पर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए इसे अधिकारियों की संवेदन हीनता का पराकाष्ठा करार दिया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, संगठन प्रवक्ता ओ पी त्रिपाठी, महामंत्री आशीष कुमार सिंह एवं संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने इस संवेदनशील मामले की ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी , शिक्षा मंत्री गुलाब देवी,एवं अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा जी का व्यक्तिगत ध्यान आकृष्ट करते हुए तत्काल हस्त क्षेप किये जाने की मांग की है।

: तदर्थ शिक्षकों के विनियमिती कर ण के लिए उ प्र माध्य मिक शिक्षा सेवा अधिनियम २०१६ की धारा ३३- ( छ) के अंतर्गत ७ अगस्त १९९३ से ३० दिसंबर २००० की निर्धारित सीमा अवधि तक नियुक्त सभी को विनियमित करने का निर्देश प्रदान किया गया है। संगठन यही मांग लंबी अवधि से करता चला आ रहा है।

शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश मे मात्र अधिनियम मे वर्णित समय एवं निरंतरता को विशेष रूप से ध्यान में रखे जाने की ओर ध्यान दिये जाने को कहा गया है। वेतन भुगतान पर ध्यान न देकर अन्य वर्णित विंदुओ पर परीक्षण न करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक नेताओ ने लगातार संगठन की मांग पर जारी स्पष्ट निर्देश के अनुसार ही लभभग तीस तीस सालों से कार्य र त सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा जगत से तदर्थवाद को हमेशा के लिए खतम किये जाने की संगठन के मांग को शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा अधिकारियों के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया है।
संगठन ने इस मामले को बड़े ही गंभीरता से लेते हुए मंडल स्तरीय सक्षम शिक्षा अधिकारियों की स्वस्थ मानसिकता पर भी सवाल उठाया है। शिक्षक नेताओ ने सूबे के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी से इस अति संवेदनशील मामले में तत्काल हस्त क्षेप कर लगभग तीन दशकों से कार्य र त सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित करवाने की प्रक्रिया पूर्ण करा कर सूबे के माध्य मिक शिक्षा जगत से तदर्थ वाद को हमेशा के लिए खत्म किये जाने की पुरजोर मांग को दोहराया है।
