कानपुर, 22 जुलाई , कानपुर के गौरवशाली एवं ऐतिहासिक धरोहर डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर में NSQF द्वारा अनुमोदित एवं संस्कृत विभाग द्वारा संचालित योगविज्ञान डिप्लोमा पाठ्यक्रम (सत्र 2026–27) के प्रथम सेमेस्टर का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती प्रतिमा पर मालार्पण से हुई। अध्यक्षता करते हुए प्रो.मनोज जौहरी, प्राचार्य, डी.ए-वी.कालेज, कानपुर ने योग के वैज्ञानिक महत्त्व पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण तथा व्यावसायिक दक्षता का विकास करेगा और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाएगा। उन्होंने योग विज्ञान में डिप्लोमा कार्यक्रम का विधिवत् शुभारम्भ किया। इस उद्घाटन कार्यक्रम में संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार पाण्डेय, प्रो. जितेन्द्र मोहन, प्रो. पंकज टंडन, प्रो. रोमल सक्सेना, प्रो. एस. एस. कालरा, डा.सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डा.अमित द्विवेदी, डा. रत्ना गौर आदि शिक्षकगण उपस्थित रहे। वर्शर अभिजीत गुप्ता, योगप्रशिक्षिका कंचन गुप्ता, समस्त योगप्रशिक्षु एवं संस्कृत विभाग के समस्त विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। डी.ए-वी. में आज एक नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा और कौशलप्रशिक्षण का श्रीगणेश हुआ।

योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के सन्तुलित विकास का विज्ञान है। वर्तमान समय में योग की उपयोगिता और भी अधिक बढ़ गई है क्योंकि यह स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करता है।
सभी नवप्रवेशित प्रशिक्षु अत्यन्त उत्साह के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में पुरातन योग प्रशिक्षकों ने भी अपने अनुभव व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा. सवितुर प्रकाश गंगवार (डिप्लोमा कोर्स-कोर्डिनेटर) ने किया। योग डिप्लोमा के शुभारम्भ होने में पूरे महाविद्यालय का सहयोग प्राप्त हुआ है।
