कैम्पियरगंज/ गोरखपुर , 16 अप्रेल , वीर बहादुर सिंह राजकीय महाविद्यालय कैम्पियरगंज गोरखपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य पद यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि चौमुखा नगर पंचायत के सभासद शीला यादव एवं प्राचार्य प्रो. (डा.) रमेश चन्द्र वर्मा ने पद यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. रमेश चन्द्र वर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को संसद में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने छात्रों से समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

समारोहक डा. शैलजा अस्थाना के नेतृत्व में सभी छात्राएं हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नारी सशक्तिकरण और महिलाओं को समान अधिकार जैसे नारों के साथ नगरपंचायत के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरे। रैली के दौरान छात्राओं ने लोगों को महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया। रैली लौटने के बाद एनएसएस प्रभारी किशोर नन्द ने सभी छात्राओं को नारी सम्मान और समानता के प्रति शपथ दिलायी गई।
तत्पश्चात इतिहास परिषद के द्वारा “पांडुलिपियों का संरक्षण एवं भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. (डा.) जयप्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि पांडुलिपियां हमारे इतिहास, संस्कृति और ज्ञान का अमूल्य स्रोत हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि इन पांडुलिपियों में निहित ज्ञान आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम है। इसी क्रम में प्राचार्य प्रो. रमेश चन्द्र वर्मा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित और खगोल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भारत का योगदान विश्व में अद्वितीय रहा है। इन धरोहरों को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर डा. मनीष कन्नौजिया, डा संतोष कुमार , डा संजय गुप्त, , विकास सोनकर, जितेन्द्र कुमार, डा. सुमित गुप्ता, बृजेश पाण्डेय , सरिता यादव, तथा बड़ी संख्या में छात्र -छात्राएं उपस्थित रहे ।

