
- आश्चर्यजनक यह है कि यह शिक्षक पिछले 32 साल से नौकरी कर रहा था और रिटायरमेंट होने में मुश्किल से एक हफ्ता शेष है . ऐसे में पूरे राजस्थान में इस डिग्री को लेकर काफी चर्चा हो रही है. मामला खुले के बाद इस आरोपी शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर दी गई है .
लखनऊ/ जयपुर , 26 सितम्बर , लखनऊ विश्वविद्यालय की बीएड फर्जी डिग्री बनाकर राजस्थान में 32 साल से नौकरी कर रहे शिक्षक की जांच शुरू हो गई है . इसका नियुक्त आदेश भी रद्द कर दिया गया है . इस आरोपी शिक्षक का नाम श्री कृष्ण चन्द्र है और इस समय राजस्थान के टोंक जिला में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक पद पर कार्यरत था. टोंक जिला परिषद से वर्ष 1993 शिक्षक की नौकरी दी गई थी और अब मामला खुले के बाद नियुक्ति रद्द कर दी गई .
इसकी फर्जी डिग्री होने की शिकायत SOG राजस्थान से की गई थी और यह SOG ने मामले की जांच पड़ताल शुरू करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय को डिग्री की सत्यता पुष्टि करने के लिए पत्र लिखा . लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच करते हुए डिग्री को अवैध बताया और रिपोर्ट SOG को भेज दी . SOG ने इस मामले की जाँच को आगे बढाते हुए आरोपी शिक्षक को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए बुलाया ताकि इस मामले की पूछताछ की जा सके , लेकिन आरोपी शिक्षक ने बीमारी का बहाना बनाते हुए खुद आने में असमर्थता जताई और बेटे को डिग्री और मार्कशीट के साथ डिग्री की सत्यापित करने वाली रिपोर्ट भी भेजी .
SOG साग ने इस मामले में आरोपी शिक्षक श्री कृष्णा जैक्पाल को फिर से बुलाने की तैयारी में है. मीडिया हॉउस की खबर में जानकारी दी गई है कि हैरत की बात यह है कि राजस्थान सरकार द्वारा इस समय अवैध और फर्जी डिग्रियों की जांच पड़ताल व्यापक स्तर पर की जा रही है और इसी बीच SOG को इस शिक्षक की डिग्री फर्जी होने की शिकायत मिली थी. आश्चर्यजनक यह है कि यह शिक्षक पिछले 32 साल से नौकरी कर रहा था और रिटायरमेंट होने में मुश्किल से एक हफ्ता शेष है . ऐसे में पूरे राजस्थान में इस डिग्री को लेकर काफी चर्चा हो रही है. मामला खुले के बाद इस आरोपी शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर दी गई है .
