- बिलासपुर ननि ने कुत्तों की नसबंदी को प्रोत्साहित करने जारी किया था।
रायपुर, 20 नवंबर। campussamachar.com, शहर में एक आवारा कुत्ते ने एक छोटी सी बच्ची को घायल कर दिया। नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर में इन दोनों आवारा कुत्तों की फौज खड़ी हो गई है और छोटे बच्चे देखकर उनकी फौज उसे पर हमला कर देती है ऐसी कई घटनाएं प्रदेश में कई स्थानों पर हो चुकी हैं।
बिलासपुर से संस्कार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले साल दिसंबर महीने में ननिबि ने आवारा कुत्तों की नसबंदी करने के लिए एक सरकारी मोबाइल नंबर जारी किया था हालांकि बाद में वह बंद हो गया लेकिन रायपुर नगर निगम को भी आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए सार्वजनिक मोबाइल नंबर जारी करना चाहिए। यह आवारा कुत्ते इतनी खतरनाक होते हैं कि कई लोग डर के मारे उस गली से निकलना ही नहीं चाहते । आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य संतोषजनक नहीं है। डॉग बाइट के मामले नागरिकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अलीगढ़ में खूंखार कुत्तों के झुंड ने रिटायर्ड डॉ.सफदर खान नामक प्रोफेसर को नोच नोच कर मार डाला। नोएडा दिल्ली एरिया से भी इस तरह की चिंताजनक खबरें आती रही हैं। आवारा कुत्तों का या बदलता व्यवहार चिंताजनक है। अपने शहर में ही कई मोहल्ले ऐसे हैं जिन की गलियों में घुसने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है। सच तो यह है कि देर रात में इन गलियों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
cg news in hindi : आवारा कुत्तों से निपटने के लिए नगर निगम ने कई बार नसबंदी के आंकड़ों के साथ अपनी सफलता के दावे किए हैं। लेकिन हर मोहल्ले गली – चौक चौराहे में आवारा कुत्तों की फौज है। इनमें से कुछ सीधे तो कुछ बेहद खूंखार हैं। जो देखते ही लोगों को दौड़ाते हैं और डर के कारण इन कुत्तों को पीछे पड़े देख लोगों की घिग्घी बंध जाती है। कुछ लोग तो कुत्तों के डर के मारे संबंधित गली – मोहल्ले से निकलना ही छोड़ देते हैं।