लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में सेमीफाइनल माने जा रहे जिला पंचायत चुनावों में भाजपा का पलड़ा भारी रहा। प्रदेश के 75 जिलों में भारतीय जनता पार्टी के 67 जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए हैं। समाजवादी पार्टी के 5, राष्ट्रीय लोकदल का एक , निर्दलीय एक और एक उम्मीदवार जनसत्ता दल का निर्वाचित हुआ है। इनमें रायबरेली और अमेठी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भी शामिल है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस चुनाव में बलरामपुर जिले के एमएलके महाविद्यालय में बीए फाइनल इयर की छात्रा आरती तिवारी भी बलरामपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित घोषित की गई हैं। भाजपा के नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 60 से अधिक पदों पर जीतने की तैयारी की थी लेकिन जब रिजल्ट आया तो जीत कहीं दावे से अधिक हुई। इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल की रणनीति के साथ ही मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, और कार्यकर्ताओं को जाता है।
जिले के वार्ड 17 से जीता है चुनाव
बलरामपुर जिले के वार्ड नंबर-17 चौधरीडीह से अपनी सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य आरती तिवारी ने चुनाव जीता है। इन्हीं को भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के एक नेता ने बताया कि भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य के लिए पहले आरती तिवारी के परिवार के ही चाचा श्याम मनोहर को प्रत्याशी बनाया था लेकिन चुनावी गणित को देखते उम्मीदवार बदल दिया गया और आरती के चाचा श्याम मनोहर ने अपनी भतीजी आरती को मैदान में उतार दिया जिसके बाद आरती तिवारी ने सदस्य के रूप में जीत दर्ज की थी।
फिर आया अध्यक्ष का चुनाव
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के बाद आरती तिवारी को पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित किया और परिणाम अब जीत के रूप में सबसे सामने हैं। अब आरती तिवारी प्रदेश की सबसे कम उम्र की जिला पंचायत अध्यक्ष होने का रिकॉर्ड बनाया है। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा की प्रत्याशी किरण यादव निर्धारित समय में नामांकन नहीं कर सकीं थी, ऐसे में बीजेपी प्रत्याशी का जीतना तय था।
