लखनऊ 08 अप्रेल , विद्यांत हिंदू पीजी कॉलेज ( Vidyant Hindu PG College ) के पद्मश्री योगेश प्रवीण कल्चरल क्लब और संस्कृत डिपार्टमेंट के द्वारा राज्य अभिलेखागार लखनऊ में एक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया ।जिसके अंतर्गत प्रोफेसर नीतू सिंह और डॉ शहादत हुसैन द्वारा रिसर्च में आर्काइव के महत्व पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए गए।
डॉक्टर शालिनी साहनी अध्यक्ष संस्कृत विभाग ने अपने व्याख्यान में बताया कि किस प्रकार भारत सरकार द्वारा एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ज्ञान भारतम के द्वारा प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण ,संवर्धन और उनको पढ़ने का और उनका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद का कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में छात्र-छात्राएं किस प्रकार सहयोगी बन सकते हैं तथा जनसामान्य किस प्रकार सहयोगी बन सकता है।

कार्यक्रम में लगभग अस्सी से अधिक छात्र-छात्राओं ने तथा शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया तथा महाविद्यालय से प्रोफेसर उषा देवी, प्रोफेसर ममता रानी भटनगर, प्रोफेसर प्रभा गौतम तथा अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे. साथ ही राज्य अभिलेखागार से अमिताभ पांडे जी तथा शिवकुमार यादव ने भी अभिलेखागार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज छात्र-छात्राओं को दिखाए। किस प्रकार रानी लक्ष्मीबाई जी ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण त्यागे और उनकी मृत्यु का टेलीग्राम किस प्रकार से आज भी संरक्षित है चंद्रशेखर आजाद जी के लिखे हुए पत्र काकोरी कांड से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को छात्र-छात्राओं ने देखा .

साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को देखा कि किस प्रकार से अभिलेखागार में पुराने डॉक्यूमेंट्स , रिकॉर्ड्स को संरक्षित करने की जो विभिन्न प्रकार की विधियां हैं उनका प्रयोग किया जाता है और अभिलेखों को संरक्षित किया जाता है साथ ही ये भी बताया कि इस अभिलेखागार में अठारह सौ तीन से लेकर अद्यतन सभी विभागों के अभिलेख संरक्षित किए गए हैं ।

