शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं कर रहे सिटीजन चार्टर का अनुपालन: डॉ पटेल
शिक्षकों के उत्पीड़न पर लगाम लगाए योगी सरकार : ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ , 11 मार्च, माध्यमिक शिक्षक संघ ( पांडेय गुट) ने आरोप लगाया है कि अतिसंवेदनशील मामलों को शिक्षा अधिकारियों द्वारा अभी भी लटका कर शिक्षक/ शिक्षिकाओ का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस मामले में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का व्यक्तिगत ध्यान आकृष्ट कर विभाग द्वारा जारी सिटीजन चार्टर के मुताबिक लंबित प्रकरण के निराकरण सुनिश्चित कराये जाने की पुरजोर मांग की है। up teachers politics
Campussamachar : शिक्षक नेताओं ने कहा कि जनपद स्तर पर शिक्षकों के निलंबन पर अधिकतम , 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से लिखित अनुमोद न/ अनानुमोदन का निर्णय दिये जाने का नियम है। इसके बाद कृत करवाई विधि शून्य हो जाने का प्रवधान है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा मामले को तीन से चार महीने तक लंबित रख कर उत्पीड़न किया जाता है। समय से निर्णय न दे कर मामले को लटकाया जाना एक्ट का खुला उल्लंघन है। यही हाल प्रबंधतंत्रों द्वारा बिना लिखित अनुमति के की गयी सेवा समाप्ति तक के मामले को मनमाने तरीके से सीधे वापस न कर के उसे लटका कर शिक्षक शिक्षिकाओ का लगातार उत्पीड़न किये जाने के भी मामले संगठन के संज्ञान में आ रहे है। सेवा सुरक्षा हेतु पहले से यह कानूनन व्यवस्था है कि बिना DIOS की पूर्व लिखित अनुमति कोई दंडातमक कार्यवाही विधि शून्य होती है। इसे भी सुनवाई के नाम पर महीनों तक लटकाये रख कर असंवैधनिक कार्यो को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है। जिस पर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत है।
Campussamachar News : शिक्षक नेताओ ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी चाहे वो विभाग के आदेश हो अथवा न्यायालायीय आदेश हो उसे लागू किये जाने में जानबूझ कर तय सीमा के अंतर्गत निराकरण न कर उत्पीड़न करते हैं। शिक्षक नेताओं ने कहा कि इन सबका खामिया अंतत : शिक्षक/ शिक्षकाओ को जान तक देकर भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इस संवेदन शील मामले मे शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कडाई से निर्धारित तय सीमा के भीतर लंबित प्रकरण के निराकरण कराये जाने की मांग की है। जिससे देवरिया जिले की घटना की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
