- संस्था प्रधानों के दायित्व निर्वहन अनुभवों को एक सिरे से खारिज कर चयन के मौके से वंचित रखा जाना उनके साथ घोर अन्याय : ओम प्रकाश त्रिपाठी
- कार्यवाहक संस्था प्रधानों के अनुभव को लिखित परीक्षा उत्तीर्ण मानकर भर्ती हेतु साक्षात्कार में शामिल किया जाये : डॉ जितेंद्र सिंह पटेल
लखनऊ, 22 मार्च। प्रदेश के गैर सरकारी एडेड माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में रिक्त संस्था प्रधानों के चयन में संबंधित शिक्षण संस्थानों दो वरिष्ठ शिक्षकों को पूर्ववत साक्षातकार के लिए बुलाये जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाय। इस मामले की ओर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ( पांडेय गुट ) ने सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। संगठन का साफ तौर पर मानना है कि लगभग पंद्रह से बीस साल के इतने लम्बे संस्था प्रधानाचार्यों के अनुभव को दरकिनार कर उन्हे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाना घोर अन्याय है। उनके अनुभव को ध्यान मे रख कर पहले की तरह साक्षात्कार में शामिल किया जाना जहाँ एक ओर उन्हे चयन मे अपने को सक्षम साबित किये जाने का मौका मिलेगा, वहीँ दूसरी ओर मामले अपने अधिकारों को लेकर न्यायालय में भी योजित होने से भी बचा जा सकेगा।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी एवं महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने आज यहाँ जारी अपने बयान में बताया कि इन शिक्षण संस्थानों में विगत बीस साल से भी अधिक समय से रिक्त तदर्थ संस्था प्रधानों द्वारा संस्था मे नियमित प्रधानों की तरह ही सभी दायित्वों का निर्वहन कराया जा रहा है। अबतक उन्हे न तो रेगुलर ही किया गया और अब ओपन प्रतियोगिता से भी उनकी लंबी उम्र के मद्देनजर उनकी सेवाओ को दरकिनार कर उन्हे पद से हटाये जाने का षड्यंत्र चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी लंबी सेवाओं को दृष्टिगत रखते हुए पदों को भरे जाने की प्रक्रिया में उन्हे साक्षातकार में शामिल करने संबंधी प्रावधान किये जाने की मांग योगी आदित्यनाथ सरकार से की है। उन्होंने यह भी बताया कि इन सभी 4512 ऐडेड माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में से लगभग ढाई हजार से भी अधिक रिका पदों पर कार्यवाहक संस्था प्रधान तत्समय विद्यमान धारा 18ka के अंतर्गत तदर्थ रूप से पदोन्नति प्राप्त कर विगत दो दशकों से भी अधिक समय से कार्य करते हुए सभी दायित्वों का निर्वहन कर रहे है। पूर्व में गठित बोर्डों मे इस बात को ही ध्यान में रख कर स्थाई भर्ती करते समय संस्था के दो वरिष्ठ शिक्षकों को साक्षातकार में शामिल किया जाता रहा है। शिक्षक नेताओं ने इन सब को ध्यान में रख कर वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में वांछित संशोधन किये जाने की मांग को दोहराया है।

